ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आपसी खींचतान में परवान नहीं चढ़ पा रही है। तीन से चार माह पूर्व शुरू हुई योजना में अब तक मात्र दो शादियों का रजिस्ट्रेशन हो सका है जबकि शासन से 400 शादियों का बजट विभाग को मिला है। योजना में कहीं वर तो कहीं कन्या पक्ष सामूहिक विवाह करने से इंकार कर दे रहा है। इसको लेकर विभाग की चिंता बढ़ने लगी है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शादी अनुदान योजना में हो रही धांधली को देखते हुए सामूहिक विवाह योजना को लागू किया था। जिसमें 10 से 15 गरीब बेटियों की शादी एक स्थान पर करने का प्राविधान था। जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों की निगरानी में होने वाले इस विवाह में प्रति शादी पर 30 हजार खर्च किया जाता जबकि पांच हजार बेटी को दिया जाना था। योजना के लिए शासन ने एक करोड़ 67 लाख रुपए जारी किया। करीब तीन माह पूर्व से विभाग योजना के प्रचार-प्रसार अभियान को गति दे रहा है लेकिन शादी के लिए जिले भर में मात्र दो रजिस्ट्रेशन हो सका है। सामूहिक विवाह में कम से कम 10 शादी होना आवश्यक है, इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने ब्लाकों के बीडीओ,एडीओ पंचायत, नगर पालिका , नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों से योजना को सफल बनाने के लिए कहा। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि कुछ माह तक खरमास का दौर चला जिससे लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। करीब 100 से अधिक शादियां इसलिए नहीं हो रही हैं कि कहीं वर पक्ष तो कहीं कन्या पक्ष ऐसी शादी से इंकार कर दे रहा है। दोनों पक्षों के आपसी तालमेल से ही योजना को सफल बनाया जा सकेगा।