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नमक बनाने वाली कंपनी पर 1.77 लाख जुर्माना

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ज्ञानपुर। शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी मिलावटखोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। खाने-पीने की सामग्री का सबसे महत्वपूर्ण अंग नमक भी मिलावट से महफूज नहीं रह गया है। पिछले दिनों उठाए गए नमक के सैंपल की जांच में मिलावट उजागर हुई है। नमक में मिलावट करने पर एडीएम कोर्ट ने एक नमक कंपनी पर एक लाख 77 हजार का जुुर्माना लगाया है। इसके अलावा खोवा और नमकीन में मिलावट करने पर दो व्यापारियों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना किया गया। जरूरत के हिसाब से आपूर्ति न हो पाने साथ ही कम समय में अधिक कमाई के चक्कर में कई कंपनियां आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करने में भी पीछे नहीं हटतीं। खानपान की चीजों में भी नुकसानदेह चीजों का मिश्रण कर दिया जाता है। अब भोजन की सबसे अहम जरूरत नमक में भी मिलावट करने का मामला प्रकाश में आया है। मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की ओर से भलेे ही छापेमारी की कार्रवाई होती है, लेकिन दुकानदार एवं कंपनी मनमानी करने से बाज नहीं आते। अक्टूबर में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की छापेमारी में सात खाद्य पदार्थों के सैँपल को जांच के लिए लैब भेजा गया था। इसमें नमक, खोवा और नमकीन का सैंपल फेल होने पर एडीएम कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने पंकज आयोडीन नमक कंपनी, एजेंसी संचालक और दुकानदार पर एक लाख 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें नमक कंपनी पर एक लाख, एजेंसी संचालक बाबू केसरवानी पर 20 हजार और दुकानदार पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह खोवा दुकानदार शिवनाथ यादव पर पांच हजार, नमकीन दुकानदार सुरेंद्र गुप्ता पर पांच हजार का जुर्माना लगाया गया। जिला अभिहीत अधिकारी मंजुला सिंह ने बताया कि तीन मामलों में फैसला हो चुका है। उनके खिलाफ जुर्माने का नोटिस भेजा जा रहा है। चार दूधिए भी मिलावट में पकड़े गए थे, लेकिन उनका सही पता न मिलने पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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