ज्ञानपुर। प्रतिबंधित चाईनीज मंझे के प्रयोग की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम ज्ञानपुर आशीष कुमार, कमिश्नर वाणिज्यकर विमल कुमार दूबे और सीओ रामकरन ने शनिवार को गोपीगंज नगर की कई पतंग की दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दुकानदारों में खलबली मच गई। करीब दो घंटे से अधिक पड़ताल के दौरान व्यापारियों को चेतावनी देने के साथ सात गड्डी मंझा सीज किया गया। सीज मंझे को जांच के लिए भेजा गया। सुप्रीमकोर्ट से लेकर सरकार चाईनीज मंझे के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगा दिया है। रोक के बाद भी बड़ी संख्या में दुकानदार चोरी-चुपके इसकी बिक्री करते हैं। सस्ता होने के साथ मजबूत होने पर पतंगबाज इसका प्रयोग अधिक करते हैं जबकि उक्त मंझे की चपेट में आना अक्सर जानलेवा हो जाता है। 28 दिसंबर को अमर उजाला ने चाईनीज मंझे पर ‘जानलेवा हो चुका है चाईनीज मंझा’ शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने तीनों एसडीएम को जांच-पड़ताल का निर्देश दिया। शनिवार को सुबह 11 बजे एसडीएम ज्ञानपुर, कमिश्नर वाणिज्यकर और सीओ गोपीगंज नगर में पहुंचे। यहां कई पतंग की दुकानों पर छापेमारी कर मंझे की जांच की। इस दौरान विभिन्न प्रकार के धागों की चेकिंग की गई। जिसमें गोल्ड एंड नाट यूज फार सेल काईट फ्लाइंग अंग्रेजी लिखित होने और मांझे के संदिग्ध होने पर सात गड्डी सील कर जांच के लिए भेजा गया। अफसरों ने पप्पु गुप्ता, श्याम दयाल, दीनाशंकर आदि पतंगो की दुकानों की जांच कर हिदायत दिया कि कोई भी चाईनीज मंझा बेचा तो उस पर केस दर्ज किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पतंग उड़ाने के लिए सिंथेटिक मांझा, शीशा लेपित, नायलान के मांझा के निर्माण, भंडारण और प्रयोग पर रोक है। जो इसका उल्लंघन करेगा उसे पांच साल तक की सजा होगी।