ज्ञानपुर। जिले की सभी सहकारी समितियों का लेखा-जोखा अब ऑनलाइन होगा। बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) को कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है। अंतिम चरण में शेष बची 17 समितियों को डिजिटल किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के बाद सिर्फ एक क्लिक पर समितियों का पूरा ब्योरा देखा जा सकेगा। इससे समितियों से जुड़े किसानों को लेन-देन में सहूलियत मिलेगी। जिले में 52 सहकारी समितियां है। दो साल पहले तक सिर्फ 40 समितियां ही सक्रिय रहीं। धीरे-धीरे 12 अन्य समितियों को भी सक्रिय किया गया। समितियाें से किसानों को खाद-बीज, कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ ही ऋण भी मुहैया कराया जाता है। अभी तक समितियों को अपने कारोबार और लेन-देन का हिसाब रजिस्टर में रखना होता है। एक-एक विवरण को रजिस्टर में दर्ज करने, उसे सुरक्षित रखने और समय-समय पर मिलान कराने में कठिनाई होती है। आकस्मिक स्थिति में सदस्य पैसा की जमा-निकासी करना चाहे तो समिति से बैंक तक का पूरा रिकॉर्ड खंगालना पड़ता है। इसमें काफी वक्त लग जाता है। समितियों के कामकाज को आसान बनाने और किसानों की सहूलियत के लिए सभी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एआर सहकारिता राम प्रकाश ने बताया कि एक-एक समिति को अपग्रेड करने पर करीब ढाई से तीन लाख रुपये खर्च हो रहा है। इसमें कंप्यूटर, प्रिंटर समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण लगाए जा रहे हैं।