ज्ञानपुर। भदोही विकास खंड के परगासपुर के ग्राम प्रधान जोगेंद्र कुमार को एक लाख 35 हजार के गबन में सोमवार को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने बर्खास्त कर दिया। विकास कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है। प्रधान, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायक से गबन की रकम वसूली का निर्देश दिया गया है। डीएम के निर्देश पर दिसंबर 2017 से ही प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज चल रहे हैं। परगासपुर गांव निवासी राजेंद्र तिवारी ने जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। करीब एक साल पूर्व शुरुआती जांच में गड़बड़ी सामने आने पर डीएम ने नोटिस जारी किया। साथ ही ग्राम प्रधान जोगेंद्र राम का अधिकार सीज कर दिया। अंतिम जांच के लिए उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और बीडीओ भदोही को नामित किया गया। कमेटी ने जांच में पाया कि धईकार बस्ती में सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के कार्य, मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी की गई है। दोनों कार्यों में एक लाख 35 हजार 240 रुपये का गलत ढंग से भुगतान पाया गया। डीएम ने ग्राम प्रधान से 15 दिन के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। माह भर से अधिक समय खत्म होने के बाद प्रधान की ओर से जो जवाब दिया गया वह संतोषजनक नहीं था। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम राजेंद्र प्रसाद ने प्रधान को बर्खास्त करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने गबन की रकम रिकवरी कराने का निर्देश दिया। कहा कि एक माह के अंदर वसूली की जाए। बताते चलें कि जिस सेक्रेटरी से वसूली की जानी है, वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परगासपुर इकलौता गांव नहीं है। कई गांवों की जांच अंतिम दौर में चल रही है। जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।