ज्ञानपुर। जिले के शहरी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर करने के लिए चयनित 18 शहरी आशाओं की नियुक्ति को डीएम विशाख जी ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। जनता दर्शन और तहसील दिवस में लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। गठित टीम की जांच में नियुक्ति में व्यापक स्तर पर धांधली सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में आशा बहनों की नियुक्ति की जाती है। नगरीय इलाकों में रिक्त पदों को भरने के लिए कुछ माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग की ओर से निविदा जारी की गई थी। शासन की ओर से तय मानक के आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू हुई। सभी नगरीय इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने 18 शहरी आशाओं का चयन कर लिया। शुरूआती दौर में शिकायत मिलने पर जांच कराने पर तीन आशाओं के चयन को निरस्त किया लेकिन जनता दर्शन और तहसील दिवस में शिकायतों के आने का सिलसिला थमा नहीं। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने एसडीएम भदोही और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच कमेटी बैठाई। दो सदस्यीय कमेटी की जांच में नियुक्ति में अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बार डीएम ने सीडीओ हरिशंकर सिंह, सीएमओ डॉ. सतीश सिंह और एसडीएम भदोही आशीष कुमार से दुबारा जांच कराई। डीएम की गठित दूसरी टीम की जांच में भी अनियमितता सामने आई। दोनों टीमों की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सभी 15 आशाओं की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि नियुक्ति की जांच में खामियां मिलने पर उसे निरस्त किया गया। किसी भी नियुक्ति में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।