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अधर्म को मिटाना ही श्रीकृष्ण का मुख्य कर्म

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ऊंज। डीघ क्षेत्र के चंदापुर गांव में विवेक मिश्रा के अहाते में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनि वार को वृंदावन से पधारे कथावाचक शरद कृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि अधर्म को मिटाने के लिए ही भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर जन्म लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रहे महिला-पुरुष भक्तों ने जयकारा लगाकर पंडाल को कृष्णमय बना दिया। कृष्ण और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग पर चर्चा करते हुए महाराज ने भक्तों को भक्ति का तात्पर्य विस्तार से समझाकर जीवन को सरल बनाने का संदेश दिया। इस मौके पर यज्ञाचार्य डॉ. रामसमुझ दुबे, राहुल दूबे, प्रीतम मिश्रा, धीरेंद्र दुबे, परमात्मा राम, मातादान चौबे, देवेंद्र दूबे, रत्नेश दीक्षित सहि त दूरदराज से आए भक्तों की भारी भीड़ रही।
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