गोपीगंज। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से नामित नेशनल हाईवे आफ अथारिटी के अधिकारियों का दल बुधवार को लालानगर टोल प्लाजा पर जांच के लिए पहुंचा। इससे प्लाजा कर्मियों में खलबली मच गई। निर्धारित दर वसूली, व्यवस्था एवं नए निर्माणाधीन कार्यों की हकीकत परखने के बाद जांच अधिकारी लौट गए। ओवररेटिंग को लेकर टोल प्लाजा संचालक पर करीब 16 लाख का जुर्माना पहले ही लग चुका है। हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर हर साल टोल वसूली के लिए संचालकों का चयन किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए चयनित संचालक के खिलाफ ओवररेटिंग को लेकर गत दिनों एनएचआई की ओर से करीब 16 लाख का जुर्माना लगाया गया था। बुधवार को मासिक निरीक्षण के लिए नेशनल हाईवे आफ अथारिटी के अधिकारियों का दल पहुंचा। करीब एक घंटे से अधिक समय तक जांच-पड़ताल के बाद टीम लौट गई। सूत्रों की माने तो अर्थ दंड की वसूली को लेकर अथारिटी ने उक्त कदम उठाया है। एनएचआई के जनरल मैनेजर रामचंद्र ने कहा कि हर महीने जांच-पड़ताल किया जाता है। उसी क्रम में अधिकारी टोल प्लाजा पर गए थे। जांच-पड़ताल के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दिया जाएगा।