जंगीगंज। पर्यावरण संरक्षण के लिए होलईपुर के सेवानिवृत्त शिक्षक मोतीलाल पांडेय ने नई पहल शुरू की है। उन्होंने पौत्र की शादी के लिए महंगे कार्डों के बजाए सुंदरकांड भेजकर निमंत्रण भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि ख़तरनाक रासायनिक रंगों और प्लास्टिक से सुसज्जित कार्ड महंगे होने के साथ ही अनुपयोगी होते हैं। इससे स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सुंदर कांड की किताब हर आदमी देखने के बाद अपने पास ही रखेगा। बताया कि मांगलिक सीजन में कई ऐसे निमंत्रण पत्र में देवी-देवताओं के चित्र होते हैं। कुछ दिन बाद उसे जहां-तहां फेंक दिया जाता है। साहित्यिक ग्रंथों से निमंत्रण पत्र देना लाभकारी होगा।