ज्ञानपुर। शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटते ही असलहे के शौकीनों का कलेक्ट्रेट में मजमा लगने लगा है। बहाली का आदेश के आने के बाद से अब तक सैकड़ों की संख्या में शस्त्र के लिए आवेदन हो चुके हैं। वहीं, प्रतिदिन दर्जन भर से अधिक लोग कलेक्ट्रेट में आवेदन के लिए पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि अब शिकायतों के लिए कम लाइसेंस के लिए ज्यादा भीड़ लग रही है। गत नौ अक्टूबर को शासन ने शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक को हटा ली थी। लाइसेंस बहाली के आदेेश के बाद से असलहे के शौकीनों का मजमा जिला कलेक्ट्रेट स्थित आर्म्स शाखा में लगने लगा है। मौजूदा हालत यह है कि कलेक्ट्रेट में फरियादियों से ज्यादा असलहा लाइसेंस लेने वालों की भीड़ लग रही है। बहाली के पूर्व जिले में कुल 5100 शस्त्र लाइसेंसधारी थे। इसी बीच नए लाइसेंस पर रोक लगा दी गई थी। रोक हटने के बाद से अब तक शस्त्र लाइसेंस के लिए 280 नए आवेदन हो चुके। इसमें सबसे ज्यादा पिस्टल और रिवॉल्वर के लिए आवेदन आए हैं। लाइसेंस जल्दी बनवाने के लिए विधायक से लेकर मंत्री तक के फोन अधिकारियों के कार्यालय में घनघनाने लगे हैं।