ज्ञानपुर। धान खरीद में लापरवाही क्रय एजेंसी कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक पर भारी पड़ गई। जिलाधिकारी विशाख जी ने धान क्रय को लेकर लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर बृहस्पतिवार को जिला प्रबंधक विजय तिवारी को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए कर्मचारी कल्याण निगम के अधिशासी निदेशक को पत्र प्रेषित कर दिया। इससे धान खरीद में लगीं एजेंसियों में खलबली मची है। धान खरीद को लेकर प्रदेश सरकार की कड़ाई के बाद अधिकारी सख्त हो गए हैं। जिले में विभिन्न एजेंसियों के कुल 20 क्रय केंद्रों के जरिए धान खरीद की जा रही है। इनमें से कर्मचारी कल्याण निगम के तीन क्रय केंद्र संचालित हैं। तीनों केंद्रों पर धान क्रय से जुड़ी शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। वीरमपुर क्रय केंद्र पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। धान की धीमी खरीद, भुगतान में हीलाहवाली और किसानों को समुचित सहूलियतें न मिलने पर जिलाधिकारी ने संजीदगी दिखाई है। लक्ष्य के मुकाबले धान की खरीद काफी कम होने पर चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो डीएम ने जिला प्रबंधक को निलंबित करने के लिए अधिशासी निदेशक को पत्र भेज दिया। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 53900 एमटी निर्धारित किया गया है। अब तक लक्ष्य के मुकाबले केवल 18367.74 एमटी ही धान की खरीद की जा सकी है। जो लक्ष्य का 34.077 फीसदी है। खरीद में तेजी लाने के लिए दो दिसंबर से 15 दिसंबर तक विशेष खरीद अभियान चलाया गया। इस अभियान में लगभग साढ़े ग्यारह फीसदी धान की खरीद हुई। अभियान के पहले लक्ष्य के मुकाबले नौ फीसदी ही धान की खरीद हुई थी। जो अब बढ़कर 34.077 फीसदी हो गई है। अब तक 3030 किसानों का धान खरीदा जा चुका है। धान खरीद की रफतार अब भी धीमी है। हालांकि 28 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी।