ज्ञानपुर। जनपद सृजन के दो दशक बाद भी अभोली ब्लॉक कार्यालय उधारी के भवन में चल रहा है। 2002 में नए भवन के लिए करीब 46 लाख रुपए शासन से अवमुक्त हुए , लेकिन जमीन न मिलने से वह भी डेढ़ दशक से जिला प्रशासन के खाते में डंप पड़ा है। इससे छोटे-छोटे कमरों में ब्लॉक कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन ब्लॉकों में ब्लॉक कार्यालय से होता है। ग्राम पंचायतों में बनाई जाने वाली सूची ब्लॉक पर आती है, यहां पर लाभार्थियों के चयन से लेकर अन्य प्रक्रियाएं फाइनल कर जिला स्तर पर भेजी जाती हैं। 30 जून 1994 में वाराणसी से कटकर भदोही जिला बना। उसी दौरान तीन तहसील के साथ ही जिले में छह ब्लॉक बने, जिसमें ज्ञानपुर, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां और अभोली शामिल रहे। पांच ब्लॉकों में सबसे छोटा ब्लॉक होने के बाद भी अभोली का विकास नहीं हो सका। सभी ब्लॉकों के अपने खुद के भवन हो गए लेकिन अभोली ब्लॉक दो दशक से उधारी के भवन में चल रहा है। न्याय पंचायत के भवन में कार्यालय चलने से वहां काम करने वाले कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की मांग पर अभोली ब्लॉक के नए भवन के लिए 2002 में शासन ने 46 लाख भेजा लेकिन वह आज भी डंप पड़ा है। बताया जाता है कि दुर्गागंज के मिश्राइनपुर समेत कुछ स्थानों पर जमीनों को देखा गया लेकिन वह ब्लॉक लायक नहीं थीं। कार्यालय में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कक्ष कम होने से ब्लॉक परिसर में काम करने में दिक्कत होती है। नया भवन बनने से कार्य करने में उन्हें काफी राहत मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि डेढ़ दशक से पैसा प्रशासन के पास है। जमीन न मिलने से ब्लॉक के नए भवन का निर्माण नहीं हो सका। भूमि का चयन करने का प्रयास किया जा रहा है।