चौरी। बाजार में चल रही रामलीला में बुधवार को धनुष यज्ञ का मंचन किया गया। तीसरे दिन कलाकारों ने दिखाया कि राजा जनक प्रतिज्ञा करते हैं कि जो शिव धनुष तोड़ेगा, उसी के साथ वह सीता का विवाह करेंगे। स्वयंवर में एक से बढ़कर एक राजा आते हैं लेकिन कोई शिव धनुष को नहीं हिला सका। राजा जनक व्यथित होकर कहते हैं कि अगर मैं जानता कि पृथ्वी पर कोई ऐसा वीर नहीं बचा है तो प्रतिज्ञा ही नहीं करता। यह सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो गए। कहा अगर गुरु जी और भइया राम का आदेश मिले तो इस धनुष को चुटकियों से मसल दूं। गुरु विश्वामित्र के आदेश से राम ने शिव धनुष का खंडन किया । इस मौके पर ताड़कनाथ जायसवाल, राजेंद्र मिश्रा, हिंछलाल यादव, पंचदेव उपाध्याय आदि रहे।