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लक्ष्य से अधिक रोपाई, अब सिंचाई संकट

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ज्ञानपुर। जिले में लक्ष्य से अधिक धान की रोपाई की गई है, लेकिन अंतिम दौर में नहरों में पानी नहीं आने से सिंचाई पर संकट खड़ा हो गया है। पिछैती धान की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। धान की खेती बड़े पैमाने पर हुई है लेकिन लगभग पक चुकी फसल और पिछैती रोपाई वाले धान की सिंचाई जरूरी मानी जा रही है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। करीब एक महीने विलंब से आए मानसून ने 22 जुलाई से लेकर दो माह तक झमाझम बारिश की। इससे जिले में 27 हजार हेक्टेयर के मुकाबले किसानों ने 36 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई कर दी। शुरुआत में बारिश अच्छी होने से सिंचाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन धान की फसल तैयार होने से पूर्व नहर में पानी न आने से किसान परेशान हो गए हैं। अगैती धान की फसल तो किसी तरह तैयार हो गई है, लेकिन पिछैती प्रजाति की फसलों को अब भी एक से दो सिंचाई की जरूरत है। बताते चलें कि जिले में सबसे अधिक रकबे की सिंचाई नहर से ही की जाती है। 260 किमी नहरों के फैले जाल से 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे की सिंचाई की जाती है। एक्सईएन नहर केएन जायसवाल ने कहा कि नहरों की सफाई के लिए पानी बंद किया गया है। रबी सीजन शुरू होने से पूर्व 26 दिसंबर तक नहर फिर चालू हो जाएगी।
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