ज्ञानपुर/गोपीगंज। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो जाएंगी। मगर कोर्स अभी अधूरा है। इससे परीक्षा परिणाम प्रभावित होगा। जिले के तमाम राजकीय विद्यालयों समेत अन्य विद्यालयों में भी कोर्स पूरा नहीं हो सका है। इससे छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है। परेशान छात्र-छात्राएं कोचिंग का सहारा लेने को विवश हैं। संत विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोपीगंज में शिक्षा ग्रहण कर रहीं प्रिया पांडेय, कायनात बानो, अंजलि पाल, पूजा यादव, ज्योति गौतम ने प्रदेश सरकार के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि जुलाई से सत्र शुरू हुआ है। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण काफी कोर्स तो पूरा हो गया है, मगर कुछ कोर्स बाकी रह गया है। समय कम मिलने से हम लोगों को परेशानी आई। वहीं प्रधानाचार्य अजय त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के फैसले से छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय मिला है। मार्च में परीक्षा होती तो बच्चों को पर्याप्त समय मिल जाता। इसी तरह संकट मोचन आदर्श बालिका इंटर कॉलेज दानीपट्टी की छात्रा नेहा मोदनवाल, श्रेया मौर्य, नैंसी जायसवाल, नीतू शुक्ला, स्वाति सिंह, श्वेता विश्वकर्मा आदि ने बताया कि कोर्स पूरा नहीं हुआ है, समय कम मिलने की वजह से कोर्स पूरा नहीं हो पाया। वहीं पाठ्यक्रम ज्यादा होने से भी कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। संकटमोचन बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेंद्र राय ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा समय तक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया गया है। लेकिन, समय इतना कम मिला कि बच्चों का कोर्स पूरा कर पाना संभव नहीं था। बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि विद्यालयों द्वारा बच्चों का कोर्स पूरा न करा पाने की वजह से कोचिंग सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। अवैध कोचिंग सेंटर बच्चों को अधकचरा ज्ञान परोस रहे हैं। लेकिन, हम लोगों की विवशता है। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर के प्रधानाचार्य नीरज त्रिपाठी ने कहा कि कोर्स पूरा हो गया है। परीक्षार्थियों को परीक्षा में कोई दिक्कत नहीं आएगी।