ज्ञानपुर। भदोही तहसील के सरायभाव सिंह गांव में पूर्व विधायक मूलचंद्र के कुनबे को आवंटित पट्टा निरस्त होगा। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी की रिपोर्ट पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक एवं प्रभारी उप संचालक चकबंदी बच्चीलाल ने पट्टा आवंटन निरस्त करने की संस्तुति की है। उक्त जमीन को तालाब के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया गया है। सरायभावसिंह गांव निवासी कन्हैयालाल पुत्र राम आधार तिवारी ने चार माह पूर्व आईजीआरएस पर शिकायत की थी कि गांव में गाटा संख्या 1319/2 तालाब में दर्ज है। आरोप लगाया कि 1985 और 1989 में दो बार विधायक रह चुके मूलचंद्र ने 1986 में चकबंदी विभाग के अफसरों से मिलकर 22 बीघे से अधिक तालाब की जमीन को विधि विरुद्ध कृषि आवंटन के माध्यम से पट्टा करा लिया। अपनी पत्नी, चार बेटों, भाई, भाई की पत्नी समेत कुनबे के अन्य सदस्यों के नाम यह पट्टा कराया गया। इसी दौरान चकबंदी विभाग के एक अधिकारी से अपने परिवार की लड़की की शादी कराई और रिश्तेदारी का फायदा उठाकर पट्टा कराई गई जमीन को चकबंदी विभाग से मिलकर उसका चक भी कटवाया गया। शिकायत पर डीएम के निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने जांच की। जांच में खसरा, खतौनी समेत अन्य अभिलेखों में कई खामियां पाई गईं। जांच के बाद रिपोर्ट लगाई गई कि परगनाधिकारी की पट्टा स्वीकृति 19 जून 1986 के आधार पर जोत चकबंदी के चकदारों (पट्टेदार) संख्या 485/2, 485/3, 485/11, 485/18, 485/19, 33, 34, 35, 38, 61, 64, 65 के नाम का पट्टा निरस्त करने के बाद उसे तालाब में अंकित किया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट आने के बाद उप संचालक चकबंदी एवं एडीएम न्यायिक बच्चीलाल ने पट्टे को निरस्त करने की संस्तुति कर दी।