ज्ञानपुर। कोहरे की मोटी चादर ने बुधवार को समूची कालीन नगरी को ढंक लिया। सुबह होते ही चारों ओर घने कोहरे के गुबार से जनजीवन बेपटरी हो गया। दृश्यता बेहद कम होने के चलते 10 मीटर बाद की चीजें भी अदृश्य हो गईं। सड़कों पर दिन में भी वाहन लाइट जलाकर रेंगते हुए चले। बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। उधर ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों को 22 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश जारी कर दिया। कालीन नगरी के मौसम ने बुधवार को अचानक करवट बदली। मंगलवार शाम तक सामान्य मौसम का रुख बुधवार को सुबह एकाएक पलट गया। लोग सोकर उठे तो चारों तरफ घने कोहरे का गुबार छाया हुआ था। बमुश्किल 10 मीटर तक ही सड़क दिख पा रही थी। कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर भी करारा ब्रेक लगाया। वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग से लेकर जिले के अन्य मार्गों तक पर वाहन रेंगते नजर आए। दो घंटे में पूरी होने वाली दूरी को तय करने में चार से पांच घंटे तक का समय लग गया। बुधवार को ज्ञानपुर-भदोही मार्ग समेत अन्य सभी मार्गों पर दिन में भी वाहन लाइट जलाकर आते-जाते दिखे। यह सिलसिला 11 बजे के बाद तक चला। हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार 30 किमी. प्रति घंटे से आगे नहीं बढ़ सकी। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। ठंड और कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने कक्षा एक से आठवीं तक के सभी स्कूलों को 21 और 22 दिसंबर को बंद रखने का निर्देश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।