फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: खेल मैदान में 1.21 लाख खर्च, काम के नाम लगे 8-10 खंभे

विज्ञापन
घसकरी गांव का बदहाल खेल मैदान। संवाद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के धसकरी गांव में मनरेगा और अन्य विकास कार्यों में जमकर धांधली की जा रही है। गांव में खेल मैदान का निर्माण कराए बिना ही 1 लाख 21 हजार 367 रुपये निकाल लिए। जिस स्थान पर खेल मैदान बताया जा रहा है। वहां केवल कुछ खंभे लगाकर काम को पूरा दिखा दिया गया है। आरोप है कि प्रधान ने अपने भाई, भतीजे जैसे करीबियों को मनरेगा मजदूर बताकर भुगतान करा लिया है। वहीं गांव में जो काम कराए जाते हैं, उसकी सामग्री के लिए भुगतान अपने संबंधियों की फर्म में किया गया है। गांवों के लिए विकास को लेकर सरकार की ओर से समय-समय पर योजनाएं संचालित की जाती हैं। योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे, इसे लेकर पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया गया है। मनरेगा और ग्राम स्वराज की वेबसाइटों पर न सिर्फ कार्य का ब्योरा दर्ज करना होता है बल्कि किस काम में कितने का बजट है, कितना खर्च हुआ और किस मद में खर्च हुआ, इन सभी चीजों का जिक्र भी करना होता है। इसके बाद भी गांवों में भ्रष्टाचार का मामला नहीं थम रहा है। भदोही ब्लॉक के धसकरी गांव में भी इसी तरह खेल हो रहा है। गांव में 15वें वित्त के तहत कराए गए कार्यों में धांधली देखने को मिल रही है। ग्राम स्वराज की वेबसाइट पर जिस खेल मैदान का जिक्र कर 1 लाख 21 हजार 367 रुपये निकाले गए हैं, वहां केवल झाड़ और झंखाड़ है। सीमेंट के महज आठ से 10 खंभे लगे हुए हैं। इसी तरह गांव में शॉकपिट के नाम पर 14546 रुपये निकाले गए हैं। इसमें जिन मनरेगा मजदूरों के खाते में पैसे डाले गए हैं। बताया जा रहा है कि वे प्रधान के परिवार के ही लोग हैं। इसमें कुछ लोग बाहर रहते हैं। गांव निवासी कमलाकांत दुबे ने आरोप लगाया कि गांव में जितने भी खंड़जे व इंटरलॉकिंग के काम कराए गए हैं, वे आरएसवाई कंस्ट्रक्शन, आरएसवाई इंटरप्राइजेज व आरएसवाई ईंट भट्ठा बिल्डिंग मैटीरियल जैसी फर्मों को भुगतान किया गया है। यह सभी फर्म प्रधान के पिता चाचा और बुआ के नाम से हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें