कौलापुर। इलाके के धनापुर दक्षिणी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक रत्नेश महराज जी ने भगवान और भक्त के संबंधों को वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बड़े सौभाग्य के बाद भक्त का भगवान से मिलन होता है। उनके दर्शन सामान्य जीव के लिए दुर्लभ होता है। भगवान के पास जाने का साधारण जीव को योग ही नहीं बन सकता। उनका दर्शन उसी को मिलता है जिसपर उनकी अपार कृपा होती है। बिना भगवत कृपा के मानव का जीवन अस्तित्व विहीन है। भगवान की भक्ति से ही मानव के सभी कष्टों का विनाश होता है। बिना भक्ति के मनाव कई दुखों में जकड़ जाता है। भगवान से अलग कुछ नही है, क्योंकि पूरा संसार भगवान की कृपा से संचालित हो रहा है। जो अनाज हम खाते हैं, उसे खाने के स्थिति तक पहुंचने में तक कई जीवो का नाश होता है, इसलिए खाना खाने के पहले भगवान और गाय को अवश्य भोग लगाना चाहिए। वहीं प्रवचन को सुरमयी बनाने के लिए वृंदावन से आए आचार्य दीपक शर्मा, मुकेश शास्त्री, आचार्य हरिओम तिवारी, शिव लल्लन महाराज, शशांक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर कमलाशंकर, हरिशंकर, नायब, रत्नेश, श्यामू मिश्रा आदि रहे।