ज्ञानपुर। पश्चिम बंगाल में आंदोलन कर रहे विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के गोली चलाने के विरोध में सोमवार को यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य बिफर पड़े। केएनपीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका और नारेबाजी की। पश्चिम बंगाल के एक सरकारी स्कूल में बंगाली अध्यापक की जगह शासन के निर्देश पर उर्दू टीचर की नियुक्ति कर दी गई। इसके खिलाफ तीन दिन पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चला दी। इसमें संगठन के राजेश सरकार और तपन वर्मन समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके खिलाफ सोमवार को विद्यार्थी परिषद ने सोमवार को काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यायल गेट के पास पश्चिम बंगाल की मुुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन किया। इस दौरान संगठन ने गोली चलाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि सरकार का यह कृत्य लोकतंत्र का गला घोंटने वाला है। संगठन के जिला संयोजक धीरज शुक्ला ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे देश में विद्यार्थी परिषद धरना प्रदर्शन के साथ सरकार का पुतला दहन करने को बाध्य होगा। इस मौके पर नगर अध्यक्ष प्रशांत बघेल, आकाश त्रिपाठी, अंकित सिंह, शिवम तिवारी, सुधांशु मिश्रा, आशीष आदि मौजूद रहे।