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Bhadohi News: बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक पर 1.10 लाख लगा जुर्माना

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जिला उपभोक्ता अदालत ने गलत आधार पर कैशलेस ट्रीटमेंट क्लेम रिजेक्ट करने के मामले में स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कैशलेस ट्रीटमेंट पॉलिसी के हिसाब से बीमा कंपनी को दो माह के अंदर इलाज पर आए खर्च 2,82,260 रुपये परिवादी को देने का आदेश दिया।
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भदोही नगर के जलालपुर निवासी अशोक कुमार ठुकराल ने तीन अप्रैल 2024 को स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच ऑफिस सिगरा वाराणसी के ब्रांच मैनेजर को पक्षकार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि विपक्षी बीमा कंपनी ने गलत तरीके से कैशलैस ट्रीटमेंट का क्लेम खारिज कर दिया। परिवादी के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उपभोक्ता ने 46018 रुपये प्रीमियम अदा करते हुए कैशलेस ट्रीटमेंट पॉलिसी ली। वह 18 जून 2024 तक प्रभावित थी।
परिवादी बीमा धारक को अचानक कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उसने फॉर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुड़गांव अस्पताल के डॉ. अनिल मंदानी से चेकअप कराया और प्राइवेट रूम लेकर भर्ती हुआ। 31 अक्तूबर 2023 को डिस्चार्ज किया गया। परिवादी ने बीमा कंपनी के समक्ष कैशलेस ट्रीटमेंट में आए खर्च के भुगतान के लिए 2,82,259 के बिल आदि दाखिल किया, लेकिन विपक्षी बीमा कंपनी ने यह कहकर वादी का क्लेम निरस्त कर दिया की परीक्षण के उपरांत पाया गया कि परिवादी को प्री-एक्जिस्टिंग डिजीज थी।
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उपभोक्ता अदालत ने विपक्षी को नोटिस जारी किया, जिस पर उनकी ओर से जवाबदेही दाखिल की गई और कहा गया कि परिवादी को प्री-एक्जिस्टिंग डिजीज होने के कारण बीमा क्लेम नहीं दिया गया। जिला उपभोक्ता अदालत की पीठ के न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे, महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और पत्रावली का अवलोकन किया।
उपभोक्ता अदालत ने कहा कि विपक्षी बीमा कंपनी की ओर से गलत आधारों पर कैशलैस ट्रीटमेंट के क्लेम को खारिज किया गया है। न्यायाधीश ने बीमा कंपनी को दो माह के अंदर उपचार में आए खर्च 2,82,260 रुपये अदा करने का आदेश दिया। ग्राहक के साथ की गई सेवा में कमी और लापरवाही के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में 1.10 लाख रुपये मुकदमे का खर्च देने का भी आदेश दिया।
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