अभोली के नागमलपुर में कार्यरत सहकारी समिति। संवाद
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। सहकारिता विभाग के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने 11 सहकारी समितियों को हाईटेक बनाने के लिए लगभग 44 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। नोडल एजेंसी नाबार्ड किसानों को उर्वरक, कीटनाशक कंप्यूटराइज्ड रसीद, स्टॉक के रखरखाव में सचिवों को प्रशिक्षित भी कराएगी। हाईटेक की सूची में ज्ञानपुर सहकारी समिति-ज्ञानपुर, सहकारी समिति कटरा-डीघ, सहकारी समिति घोसिया, पिलखिनी, उदयकरनपुर, खम्हरिया-औराई, रमईपुर, खेम्हईपुर, वेदमनपुर-भदोही, नागमलपुर-अभोली, सुरियावां ब्लाक सुरियावां शामिल हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को संतृप्त कराने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग की कुल 52 समितियां तहसील औराई, ज्ञानपुर और भदोही अंतर्गत छह ब्लाकों में कार्यरत हैं। 21 समितियों की हालत 10 वर्ष पूर्व से खराब होने के कारण मात्र 31 समिति पर उर्वरक, कीटनाशक का वितरण कराया जाता है जो सुदूरवर्ती किसानों को संतृप्त करने में अक्षम साबित होती आ रही हैं। यही कारण है कि किसान लंबी लाइनों में लगकर उर्वरक के लिए समय बर्बाद करते हैं। मामला तूल पकड़ने की स्थिति में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत से कायाकल्प योजना के तहत मरम्मत कराकर बंद चल रही समितियों को किसानों के योग्य बनाया जा रहा है। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में कुल 1500 समितियां हाईटेक होने की श्रेणी में शामिल हुई हैं। जिले की उन्हीं समिति को चयन सूची में डाले गए हैं जिनकी कार्यप्रणाली उत्कृष्ट है। प्रस्ताव पर नोडल एजेंसी नाबार्ड की अनुश्रवण समिति चयनित समितियों का निरीक्षण भी कर चुकी है। जल्द ही लगभग 40 हजार किसान हाईटेक सेवाओं का लाभ उठाएंगे। हाईटेक होने वाली समितियों से किसान सेवाएं बढ़ेंगी लेकिन कर्मचारियों की मनमानी और स्टाक की हेराफेरी करने वालों की परेशानी पर पूर्णत: लगाम लग जाएगा। एक क्लिक पर समितियों के गोदाम में उपलब्ध स्टाक का ब्यौरा विभाग की नजर में रहेगा। हाईटेक की श्रेणी में शामिल प्रति समिति पर 3.90 लाख खर्च होंगे। इस खर्च में समितियों के रखरखाव, प्रशिक्षण, कंप्यूटर, प्रिंटर, रसीद, कुर्सी-मेज का व्यय निर्धारित किया गया है।
ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जारी निर्माण कार्य। संवाद- फोटो : BHADOHI