ज्ञानपुर। शासन की त्वरित निस्तारण की मंशा धरातल पर फलीभूत नहीं हो रही है। संपूर्ण समाधान दिवस सहित अन्य आयोजन खानापूर्ति तक सिमटकर रह गए हैं। शनिवार को भी तीनों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ज्यादातर फरियादियों को न्याय नहीं मिला। 119 प्रार्थना पत्रों में 15 का समाधान हो सका, जबकि 104 लंबित रह गए। डीआईजी आरपी सिंह ने भदोही तहसील में फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में भदोही तहसील में संपूर्ण समाधान की शुरूआत हुई। यहां सभी विभागों के विभागाध्यक्ष डीएम के होने से समय पर ही पहुंच गए, हालांकि शिकायतों के निस्तारण में स्थिति ठीक नहीं रही। 46 प्रार्थना पत्रों में पांच का निस्तारण हो सका। दोपहर में पहुंचे डीआईजी आरपी सिंह ने शिकायतें सुनीं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकांश मामले जमीन और राजस्व विवाद के आए। उन्होंने इसके लिए कानूनगो ,लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम को स्थलीय निरीक्षण, सत्यापन कर एक हफ्ते के अंदर निस्तारण करने का निर्देश दिया। संयुक्त टीम मौके पर जाकर दोनों पक्षों और गवाहों के साक्ष्य लेते हुए स्पॉट नोट तैयार कर उसपर हस्ताक्षर कराएं। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि जो मामले या विवाद बार-बार आ रहे है,उनकी सूची बनाकर पुलिस के साथ मिलकर मामले का निस्तारण करना सुनिश्चित कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का एक सप्ताह के अंदर समाधान हो जाना चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इसकी समय-समय पर शासन स्तर से मॉनीटरिंग की जाती है, इससे लंबित वादों का समय से निस्तारित कराएं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की बातों को गंभीरता से अवश्य सुनें। औराई तहसील में एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य और एएसपी राजेश भारती ने समस्याएं सुनीं। यहां कुल 47 प्रार्थना पत्रों में पांच निस्तारित हुए। तहसील ज्ञानपुर में उपजिलाधिकारी भान सिंह ने 26 प्रार्थना पत्रों में पांच का निस्तारण किया।