ज्ञानपुर। अब 100 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकसित होंगे। जिस पर सात से 10 करोड़ रूपये खर्च होंगे। राजस्व विभाग ने तीनों तहसीलों में 214 गांव में खेल मैदान की जमीन होने की रिपोर्ट सौंपी है, हालांकि इसमें 100 में ही जरूरत के हिसाब से भूमि है। शेष में कहीं एक, दो बिस्वा ही जमीन मुहैया हो सकी है। रिपोर्ट मिलते ही कार्ययोजना बननी शुरू हो गई है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही है। खेल का मैदान बन जाने से युवा सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस, सीआरपीएफ इत्यादि में भर्ती की तैयारी अपने गांव में ही कर सकेंगे। युवाओं को अब अपने गांव से बाहर निकलकर और जान जोखिम में डालकर सड़कों पर नहीं दौड़ना पड़ेगा। खेल मैदान बन जाने से गांव की युवा प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा और वे आगे बढ़कर विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकेंगे।
अधिकांश गांव में खेल मैदान नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर नहीं पाती है। इसके मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद की योजना को प्रोत्साहन देने के लिए गांवों में खेल के मैदान बनाने का कार्य चल रहा है। राज्य वित्त एवं मनरेगा से इस पर 10 से 15 लाख रूपये तक खर्च करने का प्राविधान है। खेल मैदान संग जिम आदि भी तैयार होंगे। 2021 में छह और 2022 में आठ खेल मैदान बन गए, लेकिन जमीन नहीं मिलने से अन्य का काम ठंडे बस्ते में चला गया। गुजरे तीन महीने में डीएम गौरांग राठी ने खेल मैदान विकसित करने के लिए राजस्व विभाग की तीन से चार बैठकें ली और कुछ स्थानों का निरीक्षण किया। लेखपालों ने जमीन की खोज की। जिसमें 100 ऐसी ग्राम पंचायतें मिली। जहां खेल मैदान विकसित किया जा सकता है। युवा कल्याण विभाग के मुताबिक खेल मैदान विकसित करने के लिए ग्राम पंचायत 15 लाख प्रति गांव में खर्च कर सकती है, लेकिन पांच, सात और 10 लाख तक ही खर्च किया जा रहा है।
तहसील से 214 गांव में खेल मैदान होने की रिपोर्ट दी गई। इसमें 100 ऐसी ग्राम पंचायत हैं, जहां पांच से छह बीघे जमीन मिल सकी है। 114 गांव में कहीं एक तो कहीं दो बिस्वा जमीन ही मिली है। कुछ गांव में स्कूल, पंचायत भवन आदि का निर्माण हो चुका है।- दिनेश चंद्र त्रिपाठी, युवा कल्याण अधिकारी
बेलहुआं, डुड़वाधर्मपुरी, सुरहन, उमरी, पीपरगांव, बनकट, चकमानधाता, भंडा, कूड़ी, अनेगपुर शेरवां, गणेशरायपुर, केशवपुर सरपतहां पूर्ण हो चुके हैं, जबकि चकमसूद, संवरपुर, अलुआं, रमईपुर, सिकंदरा, कटेबना, सारीपुर निर्माणाधीन है।