परीक्षा कक्ष में जाने के पहले नहीं उतारने पड़ेंगे जूते-मोजे
स्टैटिक मजिस्ट्रेट नहीं लागू करा पाएंगे अपना नियम, गाइडलाइन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूपी बोर्ड परीक्षा 16 फरवरी से जिले के 152 केंद्रों पर शुरू होगी। परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर के 87248 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिसमें 45640 और इंटरमीडिएट के 41608 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इस बार परीक्षार्थियों को पहले की तरह जूता-मोजा नहीं उतारना होगा। शासन की तरफ से यूपी बोर्ड सचिव व जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह निर्देश जारी कर दिया गया है।
बोर्ड परीक्षा में केंद्रों पर नकल रोकने की व्यवस्था के अंतर्गत परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों की तलाशी के दौरान जूता-मोजा उतरवा लिया जाता था। इसके बाद पूरे समय परीक्षार्थी नंगे पैर परीक्षा कक्ष में परीक्षा देते थे। फरवरी में अक्सर हल्की ठंड होने के कारण परीक्षार्थियों को काफी समस्या होती थी, लेकिन शासन के आदेश के बाद परीक्षार्थियों को इस समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
बीते वर्ष की परीक्षाओं में मामला सामने आया कि स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपने स्तर से कई नियम लागू कर देते हैं। परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतारकर परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जाता है। कई स्कूलों में बालिकाओं के दुपट्टे तक स्कूल गेट पर रखवा लिए जाते हैं। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्टैटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा केंद्र पर क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दिया है। परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाने पर रोक लगाने के साथ केंद्र व्यवस्थापक और किसी कर्मचारी से अभद्र व्यवहार न करने कि हिदायत दी है।
डीआईओएस डीएस यादव ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी के साथ सतर्कता बरती जाएगी। बोर्ड से जारी गाइड लाइन की जानकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की दी जा रही है।