बस्ती। दूसरे फेज के निकाय चुनाव प्रचार की शुरुआत बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती से की। जीआईसी मैदान में पहली चुनावी सभा में अपने सधे अंदाज में सीएम ने यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि हर दृष्टिकोण से जनता के लिए भाजपा ही उपयुक्त है। मतदाताओं से सीधे जुड़ने में उन्हें देर नहीं लगी। संबोधन की शुरुआत में ही बस्ती की पौराणिकता का बखान कर उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया। पूर्ववर्ती सरकारों की खामियों का स्मरण कराते हुए डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त पेश की। उनका पूरा जोर ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने पर ही था।
लगभग 25 मिनट के संबोधन में योगी ने भाजपा के चुनावी रथ की रफ्तार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा कि बस्ती महर्षि वशिष्ठ की नगरी है। आजादी की लड़ाई में यहां के क्रांतिकारियों का अविस्मरणीय योगदान था, तो इस पुण्य भूमि साहित्यकारों की भी एक लंबी शृंखला निकली है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने बस्ती को दुर्दशा में धकेल दिया था। यहां के लिए ...बस्ती को बस्ती कहू तो काको कहू उजाड़... वाला मुहावरा बहुत प्रसिद्ध था। लेकिन 2017 में यूपी में भाजपा की सरकार आई तो बदलाव शुरू हुआ। हमारी डबल इंजन की सरकार ने यहां आमूलचूल परिवर्तन करके दिखा दिया। जो कभी सोच भी नहीं सकते थे, वह हकीकत में तब्दील हुआ। मुंडेरवा में चीनी मिल चालू कराने की मांग कर रहे किसानों पर सपा-बसपा ने गोलियां चलवाई थी। हमारी सरकार ने नई चीनी मिल बनाकर दे दिया।
महर्षि वशिष्ठ के नाम से मेडिकल कालेज की परिकल्पना डबल इंजन की सरकार ने साकार किया। इसके अलावा शहरी आवास, कान्हां गोशाला, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, कन्या सुमंगला, रोजगारपरक योजनाएं गिनाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में हर वर्ग के विकास की व्यवस्था की जा रही है। अन्य सरकारों की तरह हमने बांटने का काम नहीं किया। डबल इंजन की सरकार में हाईवे, रेलवे, मेडिकल काॅलेज, एम्स, इंडस्ट्री आदि विकास कार्यों के निर्माण पर जोर है।
सीएम ने कहा कि कोरोना काल से ही 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था चल रही है। यूपी में छह वर्षों के दौरान हमने लंबी दूरी तय की है। वर्ष 2017 के पहले शहरी क्षेत्रों में कूड़े का ढेर हुआ करता था। हमारी सरकार में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाया गया। सड़क नाली की व्यवस्था के साथ सुरक्षित एवं स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। युवाओं को अब तमंचा नहीं, सरकार की ओर से टैबलेट दिए जा रहे हैं, ताकि टैलेंट टेक्नोलाॅजी से जुड़े। यह सब करिश्मा डबल इंजन सरकार का है। इसलिए निकायों में ट्रिपल इंजन की सरकार बनाइए। निकायों में भी बुनियादी सुविधाएं भाजपा ही दिला सकती है। पैसे का उचित नियोजन एवं सदुपयोग भाजपा सरकार ही करना जानती है। उन्होंने अंत में मतदाताओं के समक्ष प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन मांगते हुए ट्रिपल इंजन की सरकार के लिए मतदाताओं से हाथ उठवाकर सहमति ली।
लोगों का अभिवादन करते सीएम योगी।