हरैया क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय निपानिया में योग करते बच्चे।
महराजगंज। हर्रैया क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय निपनियां में 'हर घर आंगन योग' थीम के तहत बच्चों और ग्रामीणों योगाभ्यास किया। प्रशिक्षक पवन वर्मा ने उन्हें जागरूक किया। बताया कि योग क्रियाएं ऋषि-मुनियों के समय से ही चली आ रही हैं। यह शरीर को निरोगी बनाए रखने में सहायक है। योग प्राणायाम 'अष्टांग योग' की एक ऐसी अनूठी प्रणाली है, जो तन, मन और आत्मा को सही तरीके से काम करने का रास्ता दिखाती है। बताया कि सूक्ष्म क्रियाएं, आसन, प्राणायाम और ध्यान की प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम 80 मिनट का समय होना चाहिए। लेकिन यदि प्रतिदिन 40 मिनट ही योग किया जाए तो भी ठीक है। योगासन की शुरूआत पहले खड़े होकर इसके बैठकर, फिर पेट के बल और अंत में पीठ के बल लेटकर करना चाहिए। सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण आसन है इसका नियमित अभ्यास करने वाले हमेशा स्वास्थ्य रहते हैं। योग प्रशिक्षक ने सोमवार को ताड़ासन, त्रिकोणासन, गरूड़ आसन, वज्रासन, कोड़ासन, सिंहासन, कमर चक्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, शलभासन, पादु चक्रासन, मत्स्यासन, मकरासन, सेतुबंध आसन और सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। मौके पर रामतौल शर्मा, अखिलेश कुमार सिंह, कृष्ण देव तिवारी, जगदीश प्रसाद, नीलम ओझा, प्रेम कुमार, जमुना प्रसाद, राजमणि वर्मा, राम सुरेश, राधेश्याम, राजनारायण आदि मौजूद रहे।
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