बस्ती। विश्व नर्सिंग डे पर शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में संगोष्ठी हुई। वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवा में नर्सों के योगदान पर चर्चा की। कहा कि नर्स का नाम आते ही रोगी की सेवा की तस्वीर आंखों के सामने उभर कर आती है।
कहा कि चिकित्सा कार्यों में सहयोग देने वाली नर्सों ने इस कार्य को इतना महान बना दिया है कि लोग इन्हें बहुत आदर और प्रेम से ‘सिस्टर’ कहकर पुकारते हैं। बिना भेदभाव के वह इस मुंह बोले रिश्ते को अपने पेशे के साथ-साथ बखूबी निभाती भी हैं। इसीलिए ये नर्स चिकित्सा में सेवा, समूचे स्वास्थ्य तंत्र और उससे जुड़ी तमाम चिकित्सीय प्रणालियों की ‘रीढ़’ मानी जाती हैं। उत्कृष्ट सेवा से ही मरीजों में विश्वास को जिंदा किए हुए हैं। मैट्रन मीरा शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में नर्सो के योगदान पर चर्चा की गई। एरिया मैनेजर राजेश मिश्र ने कहा कि मरीजों के प्रति स्टाफ नर्स हमेशा समर्पित रहती हैं। प्रसव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को बताया। फील्ड सेल्स मैनेजर चंद्रभान चौरसिया, सिस्टर इंचार्ज अंजुम आरा, ऊषा सिंह, बबिता मिश्रा, प्रियंका सिंह ने गोष्ठी को संबोधित किया। नर्सो की कमी के चलते हो रही परेशानी को सामने रखा। कहा कि यदि, पद के हिसाब से स्टाफ की तैनाती हो तो समस्या खत्म हो जाएगी और कार्यों में और गुणवत्ता आएगी।
कार्यक्रम में नोबल नर्सिंग सेवा की शुरंआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया व कैंडल जलाकर उन्हें याद किया गया। हिमांशु पांडेय की अगुवाई में केक काटा गया। इस दौरान एएनएम टीसी से पहुंची प्रशिक्षु स्टाफ नर्सों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रतिभागी प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर चंद्रकली, शिखा कश्यप, पूजा भारती, अनीता, नीता, मधुबाला, आकांक्षा, रीतम, गुलनाज, सायरा बानो, आशा, पूजा पटेल, ममता वर्मा, प्रियंका पटेल, वंदना विश्वकर्मा, नीलम चौधरी, सुमन रानी आदि मौजूद रहीं।