बस्ती। शहर का आधा हिस्सा पुरानी बस्ती क्षेत्र कहलाता है। यहां ओवरब्रिज के बिना काम चलने वाला नहीं है। दिनचर्या बहाल होने के बाद से सूरज ढलने तक कई बार जाम की समस्या खड़ी हो रही है। एक किमी के अंदर दो रेलवे क्रॉसिंग होने के चलते यहां रहा चलना दूभर है। इस समस्या का स्थायी समाधान ओवरब्रिज है। शुगर मिल गेट के पास ओवरब्रिज प्रस्तावित है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है।
पुरानी बस्ती क्षेत्र में रेल लाइन पार करना कठिन है। यहां हर आधे घंटे पर कॉसिंग बंद मिलती है। 24 घंटे में 60 से अधिक ट्रेनों की आवाजाही होने के चलते यह काफी व्यवस्त लाइन हो गई है। शहर का थोक कारोबार भी यहां बड़े पैमाने पर होता है। मालगाड़ियों से आने वाली सामग्रियों का रैक लगने से यहां बड़े-बड़े गोदाम भी है। ऐसे में अचानक कॉसिंग बंद होने से व्यवसाय और शहरी आवागमन दोनों प्रभावित हो रहा है।
पांडेय बाजार और शुगर मिल गेट पर समपार फाटक बंद होने के दौरान वाहनों की लाइन जाती है। पांडेय बाजार में दुकानों के सामने वाहनों की ठसाठस भीड़ रहती है। कोई पैदल भी इधर से उधर नहीं हो पा रहा है। पांडेय बाजार में ओवरब्रिज निर्माण की पेशकश शुरू हुई। रेलवे और सेतु निगम के इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने एक साल पहले सर्वे भी किया। मगर, दुकानदारों ने इसका विरोध कर दिया। इससे प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। दूसरी पहल रेलवे के पूर्वी केविन शुगर मिल गेट के पास ओवरब्रिज बनाने की कवायद शुरू हुई। इसके लिए सेतु निगम ने 70 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। मगर इस पर भी मुहर नहीं लग पाई है।
सांसद हरीश द्विवेदी का कहना है कि पुरानी बस्ती क्षेत्र में जाम की समस्या से अवगत हूं। इससे छुटकारा दिलाने के लिए शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।
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कोट
शुगर मिल गेट पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर शासन भेज दिया गया है। कार्ययोजना में शामिल होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
-राकेश कुमार, सहायक अभियंता, सेतु निगम