नौ माह से विकास कार्य ठप
- सचिव व रोजगार सेवक विकास कार्यों में रुचि नहीं लेने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुदरहा ब्लॉक के थन्हवा मुडियारी गांव में नौ माह से मनरेगा मजदूर के सामने रोजी का संकट खड़ा है। गांव में विकास कार्य ठप है। सचिव व रोजगार सेवक का दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई भी हुई, मगर पांच ही दिनों में डीपीआरओ ने आरोपियों को दोषमुक्त कर फिर से उसी गांव में तैनात कर दिया। आरोप है कि सचिव रोजगार सेवक विकास की कोई योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
ब्लॉक के थन्हवा मुडियारी ग्राम पंचायत में करीब नौ माह से विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिससे मनरेगा मजदूर खाली बैठे हैं। वहीं गांव के जरूरी निर्माण कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। जिसकी चार बार शिकायत ग्राम प्रधान से लेकर ग्रामीणों ने की। तब जाकर डीएम के निर्देश पर जांच शुरू हुई।
इसमें सचिव जयेंद्र लाल व रोजगार सेवक दीपकला दोषी पाई गईं। जांच टीम अनुशासनिक कार्रवाई किए जाने की जब संस्तुति की तो डीएम के निर्देश पर पंचायत राज अधिकारी ने सचिव को निलंबित कर दिया। लेकिन पांच दिन बाद ही उसे फिर से बहाल कर उसी गांव में तैनात कर दिया। हालांकि पूरा मामला एक बार फिर डीएम के सामने पहुंच गया है।
कराई जाएगी जांच : सीडीओ
सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि मामला संज्ञान में है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि उस गांव में विकास क्यों नहीं हो पाया है, इसे भी देखा जाएगा। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।