आईटीआई में डेढ़ दशक से काष्ठ कला का प्रशिक्षण बंद
बस्ती। पारंपरिक शिल्प एवं लघु उद्योगों के संरक्षण और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश सरकार 2018 में एक जनपद एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) शुरू की है। योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में एक उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए उसका चुनाव किया गया है। जिले में काष्ठ कला का चयन किया गया है। ऐसे में इस कला में दक्षता के लिए युवाओं को प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और आईटीआई करीब 15 साल पहले काष्ठ कला ट्रेड का बंद कर चुका है।
ओडीओपी के तहत संबंधित जनपद की परंपरा और उपलब्धता के आधार पर उत्पादों का चयन किया गया है। जिले में परशुरामपुर ब्लॉक का सिकंदरपुर क्षेत्र काष्ठ कला के मामले में देशभर में प्रसिद्ध है। यहां से तैयार उत्पाद देश के विभिन्न प्रांतों में भेजे जाते हैं। सिकंदरपुर में करीब चार दर्जन व्यवसायी लकड़ी से उत्पाद तैयार करते हैं। जनपद में कटरा स्थित नोडल राजकीय औद्योगिक संस्थान करीब 15 साल पहले काष्ठ कला ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण देता था। आईटीआई के पुराने कर्मी बताते हैं तब इस ट्रेड में युवाओं की संख्या बहुत कम होती थी। लगातार तीन साल इस ट्रेड में नाम मात्र प्रवेश होने के कारण शासन स्तर से इस बंद कर दिया गया।
ओडीओपी के तहत शासन ने मांगा है प्रस्ताव
ओडीओपी से संबंधित प्रशिक्षण कोर्स के लिए शासन से प्रस्ताव मांगा गया है। हम प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। यदि पहले काष्ठ कला का ट्रेड संचालित किया जाता रहा होगा तो निश्चित ही हम इसे दोबारा संचालित करने का प्रयास करेंगे।
-पुरुषोत्तम मिश्रा, संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण