शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन
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भिऊरा-कप्तानगंज मार्ग पर रसोईया गांव में खोली गई लाइसेंसी देसी शराब की दुकान पर शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने हल्ला बोल दिया। वे दुकान के सामने घंटों प्रदर्शन करती रहीं।
सेल्समैन ने कई बार ताला खोलने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं ने शटर नहीं खुलने दिया। उनका आरोप था कि दूसरे गांव की दुकान उनके गांव में लाकर खोल दी गई। इससे उनके बच्चों पर असर पड़ रहा है। पुलिस के समझाने के बावजूद वह अड़ी रहीं। आबकारी निरीक्षक ने जल्द वहां से जल्द दुकान हटवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं मान गईं।
जानकारी के अनुसार, फेरसहन गांव के नाम से सरकारी देसी शराब की दुकान का आवंटन हुआ है। महिलाओं का कहना है कि दो महीने पहले तक वह ठेका फेरसहन गांव में संचालित हो रहा था। दो महीने से रसोइया गांव में आबादी के पास यह ठेका खोल दिया गया।
प्रदर्शन कर रहीं सुशीला, संगीता, पिंकी, अमरावती, सरिता, सुमित्रा आदि ने कहा कि शराब पीने के बाद लोग आपस में अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। बहन-बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। रसोइया गांव की आबादी के पास से तुरंत शराब का ठेका हटाया जाए। आबकारी निरीक्षक हर्रैया क्षेत्र-2 अंगद गोंड ने बताया कि जनभावनाओं को देखते हुए अनुज्ञापी को नोटिस दिया गया है। जल्द दुकान उचित स्थान पर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।