थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजे की कुंडी तोड़कर पुलिस ने अंदर प्रवेश किया। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसओ के मुताबिक प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का लग रहा है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।
खुटहना निवासी विशाल दो दिन पहले मुंबई से कमाकर घर लौटे। वह मुंबई में रहकर कोई निजी काम करते हैं। उनकी पत्नी साधना 14 वर्षीय बेटे विक्रम व तीन साल की बेटी सिमरन को लेकर गांव में रहती थीं। रविवार को सुबह विशाल घर से कुछ दूरी पर स्थित मनौरी चौराहे पर कुछ सामान खरीदने गए थे। उनका बेटा विक्रम शौच के लिए बाहर खेत में गया था।
बताया जा रहा है कि बेटा शौच करके लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। मम्मी को बार-बार बुलाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांककर देखा। अंदर मां को पंखे में साड़ी के सहारे लटका देख चीखने-चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। विक्रम ने मोबाइल से अपने पिता विशाल को फोन करके बताया कि पापा जल्दी घर आओ, मम्मी पंखे से लटक रही है। आनन-फानन में विशाल घर पहुंचा और डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी दी। थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य लिया।
सुबह खाना बनाने की तैयारी कर रही थी साधना
आसपास के लोगों ने बताया कि साधना सुलझी हुई महिला थी। उसका किसी से विवाद नहीं होता था। उसने ऐसा कदम क्यों उठा लिया, इसके लेकर लोग हैरान हैं। मृतका के पति विशाल ने भी पुलिस की पूछताछ में घटना की वजह से बारे में कुछ नहीं बता पाया। उसने बताया कि जब वह मनौरी चौराहे के लिए निकला तो साधना बर्तन और घर की साफ-सफाई करके खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। एसओ ने बताया कि मायके के लोगों को सूचना दी गई है। घटना की छानबीन की जा रही है।