- दो साल से जिला अस्पताल व कैली के पास संचालित था बिना डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर
अधिकारियों ने कभी नहीं की जांच, अब अपनी अपनी गिरेबान बचाने में जुटे अफसर व सेंटर संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल व ओपेक चिकित्सालय कैली के सामने संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर दो साल से बिना रेडियोलॉजिस्ट के संचालित था। इसकी पुष्टि 10 नवंबर को तब हुई जब प्रशासनिक टीम ने यहां छापा मारा। आरोप है कि दो साल से अवैध रूप से संचालित इन सेंटरों को नामचीन चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला संरक्षण दे रहा था। इसके पीछे क्या कारण था यह तो अलग है, मगर आम आदमी की जिंदगी इनके लिए दोयम दर्जे की है। दो साल में इनके जैसे करीब दो दर्जन अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथोलॉली लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, मगर ऐसे सेंटरों को केवल सील कर बाद उन्हें राहत दे दी जाती है।
यदि कोई सामान्य विवाद कर ले तो यहां केस दर्ज हो जाता है, मगर स्वास्थ्य विभाग जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों को खुले में छोड़ रखा है। तभी तो आए दिन गर्भवती व सामान्य बीमारी से मौत हो रही है। मौत के थोड़े दिन तक तो माहौल गरम रहता है। बाद में लोग भूल जाते हैं। आम लोग भूल जाएं तो कोई बात नहीं, मगर जिनके कंधों पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी है वह भी ऐसे मामलों में असंवेदनहीन बने हुए हैं।
दर्जन भर से ज्यादा पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटर खुलेआम अवैध ढंग से संचालित हो रहे हैं। इसका हर दिन जांच में खुलासा भी हो रहा है मगर कार्रवाई के नाम पर केवल सेंटर सील कर अधिकारी लौट जा रहे हैं।
एसीएमओ व अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉली के नोडल अधिकारी डॉ. एके मिश्र ने कहा कि अभियान में अवैध संचालित सेंटरों को सील किया जा रहा है। रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। अब उनका जो निर्देश होगा, उस पर अमल किया जाएगा। यदि प्राथमिकी लिखाने का निर्देश मिला तो केस दर्ज कराया जाएगा।