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Basti News: रात भर झमाझम बारिश, मुहल्लों- गलियों में भरा पानी

Thu, 10 Aug 2023 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। रात भर हुई झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। दर्जन भर मुहल्लों के सड़कों पर पानी लग गया। सुबह लोगों की जब नींद खुली तो रिमझिम फुहारों के बीच गलियों और सड़कों पर जलभराव का दृश्य दिखा। दिनचर्या बहाल हुई तो पानी में घुसकर आना-जाना हुआ। सुबह के समय स्कूली बच्चों की खूब सांसत हुई। जिनके दरवाजे तक वाहन पहुंचने की सुविधा नहीं थी, उनके अभिभावकों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर स्कूल वाहन के स्टॉपेज तक पहुंचना पड़ा। सुबह नौ बजे के बाद बारिश थम गई। दोपहर होते-होते धूप खिली तब जाकर जलभराव की समस्या से थोड़ी राहत मिली।
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लगभग 9 घंटे की बरसात ने ही शहर के जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नाली और नाले उफनाए हुए थे। कई जगहों पर सड़क और किनारे बनी नालियां पानी में डूबी हुई थी। लोग गंदे पानी में घुसकर आते-जाते देखे गए। कालोनियों में सुबह होने वाला सैर- सपाटा भी जलभराव और बारिश की वजह से बंद रहा। टहलने के शौकीन लोग घरों में ही रह गए। स्कूल जाने के समय बच्चों को भी कठिनाई हुई। कीचड़ और पानी से बचने के लिए उन्हें तरह-तरह की जुगत करनी पड़ी। कहीं दीवारों के सहारे ऊंचे स्थान से होकर गुजरना पड़ा तो कहीं अभिभावकों की बाइक पर सवार होकर स्कूल वाहन के स्टॉप तक पहुंचना पड़ा।
शहर के दर्जन भर मुहल्लों में कुछ घंटों के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखा। एक ओर बारिश से राहत महसूस की गई तो दूसरी ओर सड़कों, गलियों में गंदा पानी पसरा होने से दुश्वारियां भी खूब झेलनी पड़ीं।
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बारिश से मुरलीजोत की स्थिति बिगड़ी
बारिश के चलते मुरली जोत वार्ड की स्थिति काफी बिगड़ी हुई थी। जिला उद्योग केंद्र के पीछे इस वार्ड की सड़क पर पानी भर गया है। नालियां भी पानी में डूबी हुई थी। मुहल्लेवासी कीचड़ और पानी में घुसकर आते-जाते हुए दिखाई दिए। इस वार्ड में सबसे खराब स्थिति दक्षिण दरवाजे से महदेव ताल होते हुए जिला अस्पताल और टीबी अस्पताल जाने वाले वाली सड़क पर थी। यहां कई जगहों पर जलभराव था। कीचड़ के साथ घुटने तक सड़क पर पानी भर गया था। गंदे पानी में घुसकर कोई पैदल चल रहा था, तो कुछ लोग बाइक से निकल रहे थे। इस मझधार को संभलकर पार करने वाले लोग व्यवस्था को कोसते नजर आए।

मुख्य सड़कों पर भी भर गया पानी
शहर के मालवीय रोड और रेलवे स्टेशन मार्ग की स्थिति बारिश की वजह से और बिगड़ गई। मालवीय मार्ग पर मुख्य अभियंता विद्युत कार्यालय के सामने सड़क में निमित्त बड़े- बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ था। इसमें से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहन हिचकोले खाकर तेज बौछार कर रहे थे, जिसकी छीटें अगल-बगल खुले वाहनों से चलने वाले लोगों पर पड़ रही थी। यहां पिकौरा बख्श मुहल्ले में जाने वाले मोड़ के पास सड़क के किनारे पानी भरा हुआ था। दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग की हालत काफी दयनीय दिखी। यहां पेट्रोल पंप के सामने मुख्य सड़क पर ही पानी पसरा हुआ था, जिसमें गड्ढे भी थे। स्टेशन जाने वाली लेन पर बिल्कुल चलने लायक नही था। लोग दूसरी लेन से किसी तरह निकल पा रहे थे।

गांव गोड़ियां मुहल्ले में राह चलने लायक नहीं
रात भर बारिश के बाद सुबह गांव गोड़ियां मुहल्ले की भी सूरत बिगड़ी हुई थी। यहां मुख्य चौराहे से चननी जाने वाले मार्ग पर कब्रिस्तान तक पानी भर रहा। सड़क के किनारे स्थित दुकानों तक पहुंचने की स्थिति नहीं रही। जरूरतमंद लोग पानी में घुसकर दुकानों तक पहुंच रहे थे। यहां स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय के कर्मचारियों, अधिकारियों के अलावा आम नागरिकों के वाहन पानी में चलते हुए देखे गए। कमोबेश यही स्थिति आवास विकास उत्तरी छोर, बैरिहवां, ब्लाॅक रोड, रौतापार, पिकौरा दत्तूराय आदि मुहल्लों में देखने को मिली। जलभराव के चलते नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ी।

जिले भर में चौतरफा हुई बारिश
बुधवार की रात जिले भर में चौतरफा बारिश हुई है। रात लगभग 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह नौ बजे बंद हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार जनपद में कुल 45 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। गांव-शहर हर ओर मौसम की नरमी का लोगों ने आनंद उठाया। गर्मी से काफी राहत महसूस की गई। अभी दो दिन पहले तक भीषण गर्मी और उमस से लोग काफी व्याकुल हुए थे। बुधवार को दिन में हल्की बरसात और रात में लगातार बारिश से धरती तर हो गई।

इंद्रदेव की मेहरबानी देख किसानों की भी खिली बाछें
इंद्रदेव की मेहरबानी देख किसानों की भी बांछे खिली रहीं। उन्हें काफी दिनों से झमाझम बारिश का इंतजार था। लगातार बारिश खेतों में सूख रही फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई। खेतों में नमी देख किसानों ने भर राहत महसूस की। वातावरण में नमी की कमी और गर्मी के कारण अभी तक फसलों की पौध विकसित नहीं हो पा रही थी। अब बारिश के कारण पौध का विकास तेजी से होगा। बारिश के बाद धान की फसलों को उर्वरक की जरूरत होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. हरिओम मिश्रा ने बताया कि बारिश के बाद किसान फसलों में उर्वरक डाल सकते हें। धान की फसलों में यूरिया के साथ जिंक सल्फेट का प्रयोग जरूर करें।
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बारिश तेज हुई है, इसलिए शहर में कुछ जगहों पर जलभराव की स्थिति सामने आई है। मगर मौसम साफ होने के बाद पानी बहने लगा है। अभी कहीं पंपसेट लगाने की जरूरत नहीं है। बारिश की वजह से सड़कों पर फैले कीचड़ और गंदगी को साफ कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।
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