संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी के तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां कम नहीं है। बाढ़ आए तो घर-गृहस्थी उजड़ने का खतरा और जब नदी का पानी खिसके तो दुर्गंधमय वातावरण में संक्रामक बीमारी फैलने का डर सताने लगता है। कुदरहा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बैडारी एहतमाली के मदरहवा और मईपुर बडका पुरवा में कटान कुछ हद तक थमी तो अब पानी खिसकने से दुर्गंध उठ रही है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिससे सिवान में फैला पानी खिसक रहा है, और उसमें डूबे घास एवं खर पतवार सड़ने लगे हैं, जिससे आबादी क्षेत्र में दुर्गंध उठ रही है। इससे नागरिकों और जानवरों की परेशानियां बढ़ गई है। छिड़काव आदि न होने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा है। रविवार को बैडारी एहतमाली के मदरहवा और मईपुर बडका पुरवा के सामने हो रही कटान स्थिर बताई गई। गंगापुर, महुआपार कला, माझा कला के अलावा तमाम आंशिक गांव के सिवान में बाढ़ का पानी पहुंच गया था।
जलस्तर कम होने से यहां पानी खिसकने के साथ जल जनित बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ गई है। सावन के महीने में जेठ जैसी दुपहरी का सामना कर लोग परेशान हो रहे हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में भोजन, पीने का शुद्ध पानी, जानवरों के चारे की व्यवस्था और दवाओं की अब जरूरत महसूस की जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। रवींद्र पासवान, गुलशन यादव, प्रभुनाथ, आज्ञाराम ने बताया कि गांव से बाहर दूसरे सिवान में हरे चारे के लिए जाने वाले मवेशी खेतों में फैले गंदे पानी को पीकर बीमार हो रहे हैं। पशुपालन विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है।