बस्ती/दुबौलिया। चौबीस घंटे के भीतर सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को 13 सेंटीमीटर नदी में पानी का बहाव कम हुआ है। फिर भी नदी का प्रवाह लाल निशान से 17 सेंटीमीटर ऊपर बरकरार है। मैरूंड गांव सुविका बाबू और विशुनदासपुर की अनुसूचित आबादी में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोगों का रहना, खाना दुश्वार है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित अन्य गांवों में पानी उतरने से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार को नदी का जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर से 17 सेंटीमीटर ऊपर रिकार्ड हुआ है, जबकि चौबीस घंटे में शुक्रवार को जलस्तर लाल निशान से ऊपर था। स्पष्ट है कि नदी का जलस्तर कम होने लगा है। मगर बाढ़ पीड़ितों के सामने समस्याएं अभी ज्यों की त्यों हैं। नदी के प्रवाह में कमी को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। बारिश शुरू हो गई या बैराजों से बल्क मात्रा में पानी छोड़ दिया गया, तो सरयू फिर उफान पर आ सकती है।
सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव बाढ़ की जद में आ चुका है। यहां नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई है। घर-गृहस्थी बर्बाद होने के कगार पर है। विसुनदासपुर अनुसूचित बस्ती से नदी का पानी तेजी से खिसक रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सुविका बाबू गांव के लोगों के आने जाने के लिए अभी नाव ही सहारा है। यहां प्रशासन की ओर से 6 नाव और एक मोटरबोट की व्यवस्था की गई है।
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तटबंधों पर दबाव बरकरार
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक नदी का दबाव बरकरार है। इसके मद्देनजर खलवा गांव के सामने तटबंध पर बाढ़ खंड पारकोपाइन लगवाने की तैयारी में जुटा है। वहीं कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर पानी को तेज दबाव है। यहां बाढ़ खंड लगातार निगरानी कर रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक पांच सौ मीटर की दूरी में दबाव बना हुआ है। माझा क्षेत्र में पशु चारे का भी संकट है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि जलस्तर घट रहा है। तटबंध पर स्थिति फिलहाल सामान्य है।
किसानों की फसलें हो रहीं बर्बाद
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। दुबौलिया क्षेत्र के सुविका बाबू, विशुनदासपुर, अशोकपुर, मोजपुर, माझा, देवरारगंगबरार, सतहा समेत एक दर्जन गांवों की फसल नदी के पानी में पिछले चार दिनों से डूबी हुई है, जिससे फसलों में पीला पन आने के साथ सड़न शुरू हो रही है। किसान अपनी फसलों को बर्बाद होते देख चिंतित है।
इन गांवों में बढ़ी कटान की आशंका
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के एक दर्जन तटवंधविहीन गांवों में भी बाढ़ की तबाही शुरू हो गई है। कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा, फूलडीह आदि गांवों से सटकर नदी प्रवाहित हो रही है। यहां जलस्तर में गिरावट के बाद भीषण कटान होने लगती है। अभी पखवाड़े भर पहले नदी ने कटान शुरू की थी, लेकिन कुछ घंटों के बाद कटान थम गई थी। इस बार पानी खिसकने के बाद कटान फिर शुरू हो सकती है। इसके अलावा यहां भी कई किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद होती नजर आ रही है।