बस्ती। कलवारी से गायघाट की ओर राम जानकी मार्ग पर पानी भर गया है। लगभग 100 मीटर की लंबाई में घुटने भर लगा हुआ है। यहां राहगीरों की मुसीबत बढ़ गई है। पानी में डूबी सड़क को पार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बाइक, साइकिल और पैदल राहगीरों को पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। इस दौरान चार पहिया वाहनों के चलने के दौरान छींटे पड़ रहे हैं। अगल-बगल खुले वाहनों से चलने वाले राहगीर गंदे पानी से सराबोर हो जा रहे हैं।
एनएचएआई ने निर्माणाधीन रामजानकी मार्ग पर कलवारी कस्बे में सड़क के दोनों तरफ नालों का निर्माण नहीं कराया है। इससे बारिश का पानी सड़क पर एकत्र हो रहा है। जलभराव के चलते सड़क के अस्तित्व पर खतरा है। वहीं आवागमन भी बाधित है। स्थानीय नागरिकों को जलभराव के संकट से हर समय जूझना पड़ रहा है। लोग पानी में घुसकर यात्रा कर रहे हैं। भारी वाहनों के गुजरने के दौरान पानी के छीटें सड़क के किनारे स्थित दुकानों के भीतर जा रहे हैं। शिव भूषण श्रीवास्तव, शुभम, मनोज, नंदकुमार, पप्पू, रियाज, अवधेश, इरफान आदि का कहना है कि यदि एनएचएआई ने सड़क के किनारे नाली का निर्माण कराया होता तो जलभराव की समस्या नहीं होती। अभी बारिश शुरू हुई है तब 100 मीटर तक सड़क पानी में डूब गई है। बारिश ज्यादा हुई तो स्थिति और खराब होगी। हम लोग पानी में घुसकर किसी तरह इस सड़क पर चल रहे हैं।