सुबह तक बिजली आने का करते रहे इंतजार
ग्रामीण क्षेत्रों में दिन ढलने के बाद नहीं दुरुस्त किए जाते हैं फाल्ट
31 विद्युत उपकेंद्रों के सहारे देहातों में की जा रही है बिजली आपूर्ति
बस्ती। विद्युत निगम आपूर्ति व्यवस्था में लगातार सुधार का दावा करता रहता है, लेकिन आपूर्ति बनाए रखने के लिए मूलभूत व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात लाइनमैन दिन ढलने के बाद फाल्ट दुरुस्त करने नहीं जाते हैं। शाम के वक्त यदि लाइन या ट्रांसफार्मर में खराबी आई तो ग्रामीण उपभोक्ताओं को सुबह तक इंतजार करना पड़ता है।
विद्युत वितरण मंडल ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, लाइनों में सुधार आदि तेजी से करा रहा है। पहले की अपेक्षा अब ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति भी दी जा रही है। जिले में 31 उप केंद्रों की मदद से 3,64,598 ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दे रहे हैं। उपकेंद्रों पर दिन में 450 संविदा लाइनमैन फाल्ट आदि ठीक करने के लिए लगाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि ज्यादातर उपकेंद्रों पर लाइनमैनों की संख्या पूरी नहीं है। इस बारे में विद्युत वितरण मंडल के अधिकारियों को जानकारी है। फिर भी पर्याप्त संख्या में लाइनमैन तैनात नहीं किए जा रहे हैं। हर्रैया क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता राममिलन पांडेय बताते हैं कि रात में उपकेंद्र पर फोन करके चाहे जितनी मिन्नते करो, लेकिन कोई लाइनमैन फाल्ट दुरुस्त करने नहीं आता है।
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कोट
विद्युत निगम के नियमानुसार उपकेंद्रों पर कुशल व अकुशल श्रमिकों की तैनाती की गई है। रात में लाइनमैन की तैनाती के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। जो कर्मी उपकेंद्रों पर तैनात किए गए हैं, उन्हीं में से कुछ दिन में काम करते हैं और कुछ से रात में काम लिया जाता है।
एसके आर्या, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल