बहादुरपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोनहा में बने गो आश्रय स्थल पर छुट्टा गोवंश लेकर पहुंचे पशु कैचर को किसानों ने रोक कर वापस कर दिया। किसानों का कहना है कि गो आश्रय स्थल लोनहा में जानवरों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। गो आश्रय स्थ्ल पर चहारदीवारी नहीं है। फेंसिंग भी टूट गया है। चारा-पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जो गोवंश यहां संरक्षित किए जाते वे सभी वहां से भाग कर फसलों को बर्बाद कर रहे है।
सोमवार को एडीओ पंचायत जयप्रकाश राय के निर्देश पर पिपरा गौतम से चार छुट्टा गोवंश को पकड़ कर पशु कैचर से लेकर गो आश्रय स्थल लोनहा पहुंचे तो वहां किसान राममूर्ति ओझा, शेषनाथ ओझा, विश्वम्भर नाथ दूबे, पिंटू ओझा, अखिलेश चौधरी, विशाल चौधरी,, लालचंद यादव, लतिता, रामचेत आदि ने पशु कैचर को रोक लिया। गोवंश को बिना उतारे वापस कर दिया।
किसानों के विरोध के बाद कनौला गो आश्रय स्थल पर जानवरों को पहुंचाया गया। किसानों का कहना है इस गो आश्रय स्थल से दर्जनों जानवर जिनके टैग लगा हुआ है हमारे फसलों को बर्बाद कर रहे। बिना व्यवस्था सुधारे और गोवंश यहां लाकर छोड़े जा रहे है। जब तक व्यवस्था नहीं सुधरती हम लोग यहां और जानवरों को लाने नहीं देंगे। लोनहा में बने गो आश्रय स्थल की क्षमता कम कम से 28 जानवरों का है। इस समय यहां 18 गोवंश संरक्षित है।
एडीओ पंचायत जय प्रकाश राय बताया कि लोनहा गो आश्रय स्थल अव्यवस्था की जानकारी है। संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव को चहारदीवारी व भूसा पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।