बस्ती। गोरखपुर से शुक्रवार को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से रवाना किए जाने के बाद सहजनवा और खलीलाबाद के बाद वंदे भारत ट्रेन का पड़ाव बस्ती रेलवे स्टेशन पर हुआ। ठीक 58 मिनट बाद 5:44 बजे यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी हो गई। सांसद हरीश द्विवेदी, रेलवे के अधिकारी, प्रशासनिक अफसरों के अलावा बड़ी संख्या में भाजपाई और आम नागरिकों ने फूलों की वर्षा के बीच वंदे भारत का स्वागत किया। बस्ती से पहले यात्री के रूप में सांसद द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ ट्रेन में सवार भी हुए। 6 मिनट बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो गई।
गोरखपुर से अयोध्या होते लखनऊ तक जाने वाली वंदे भारत का पहला स्टापेज बस्ती तय हुआ है। मेजबानी के लिए प्लेटफार्म नंबर एक से लेकर समूचा रेलवे स्टेशन तिरंगे के रंग में सजा हुआ था। स्कूली बच्चे और बाहर के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समा बांधे रखा। गोरखपुर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम प्रोजेक्टर के जरिये प्रसारित होता रहा। शाम 4.46 बजे यह ट्रेन गोरखपुर से रवाना हुई और 58 मिनट के बाद यहां पहुंच गई। मेजबानी के लिए कतारबद्ध भीड़ प्लेटफार्म एक और दो पर खड़ी रही। वंदे भारत के आते ही प्लेटफार्म पर वंदे मातरम की देर तक गूंज हुई। पहली बार लग्जरी सुविधाओं से लैस वातानुकूलित आठ बोगियों की नए लुक की ट्रेन हर किसी के उत्साह का कारण बनी रही। लोगबाग देखने के लिए उमड़ पड़े। बड़ी संख्या में पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी रही। प्लेटफार्म एक पर सांसद द्विवेदी, विधायक अजय सिंह, एमएलसी सुभाष यदुवंश, डीएम प्रियंका निरंजन, आईजी आरके भारद्वाज, रेलवे के एडीआरएम विक्रम कुमार, एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी एवं अन्य अफसर मेजबानी के लिए खड़े रहे। वंदे भारत के पहुंचते ही इन अतिथियों ने फूलों की वर्षा की। सांसद अपने समर्थकों के साथ इस ट्रेन से बभनान तक यात्रा भी किए।
मोदी-योगी के कार्यकाल में बस्ती बढ़ी पहचान
सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि मोदी-योगी के कार्यकाल में बस्ती के विकास को नया आयाम मिला है। अब महानगरों में बस्ती का परिचय नहीं बताना पड़ता है। यहां मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना होने से इस जनपद की ख्याति दूर तक फैल गई। रिंग रोड की स्वीकृति होने से विकास के नए द्वार खुले हैं। मोदी के नौ साल के कार्यकाल में रेलवे स्टेशन विकसित हुआ है। उनके प्रयास से स्वचालित सीढ़ी, डीलक्स शौचालय का निर्माण हुआ है। आधा दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित हुआ। मनवर संगम नई ट्रेन चलाई गई। दूसरी अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत की सौगात मिली। यह राम की नगरी अयोध्या से जोड़ते हुए लखनऊ तक की यात्रा को सुगम बनाएगी। यहीं बदलता भारत है। इसकी अनुभूति होने पर आमजन मोदी को बधाई संदेश भेज रहे हैं।
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दोपहर बाद बंद हो गया था ट्रेनाें का संचलन
वंदे भारत की पहली रवानगी को लेकर गोंडा- गोरखपुर रेल ट्रेक पर दोपहर बाद से ही ट्रेनों का संचलन ठप कर दिया गया था। बभनान, मनिकापुर, गोंडा, खलीलाबाद स्टेशनों पर ट्रेनों को रोके रखा गया। गोरखपुर से मनिकापुर तक वंदे भारत के लिए एक ट्रैक पूरी तरह खाली रखा गया। ताकि यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से लेट न होने पाए।
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पहले दिन वंदे भारत में हुई 6 टिकटों की बुकिंग
बस्ती रेलवे स्टेशन से पहले दिन शुक्रवार को छह टिकटों की बुकिंग कराई गई है। स्टेशन अधीक्षक नसीम अहमद ने यह ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। 9 जुलाई से यह ट्रेन सुबह 6:52 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर आएगी और दो मिनट के स्टॉपेज के बाद 6:54 बजे यहां से आगे के लिए रवाना होगी। इस ट्रेन में 8 बोगी वातानुकूलित (7 चेयरकार और एक एक्कीक्यूटिव क्लास) रहेगी। सभी फाटक आटोमेटिक हैं। ट्रेन रुकते ही यह अपने आप खुल जाएंगे।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल, दिवाकर मिश्र, प्रमोद पांडेय, प्रभाकरमणि त्रिपाठी, गजेंद्र सिंह, संध्या दीक्षित, प्रीति मिश्रा, महेंद्र सोनकर, प्रदीप पांडेय, अनूप खरे, मनमोहन श्रीवास्तव काजू, राजन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
यह है ट्रेन का किराया
बस्ती से लखनऊ
785 रुपये सीसी (चेयरकार)
1460 रुपये ईसी (एक्जीक्यूटिव क्लास)
गोरखपुर से लखनऊ
890 रुपये सीसी
1670 रुपये ईसी
गोरखपुर से बस्ती
435 रुपये सीसी
890 रुपये ईसी
अयोध्या से लखनऊ
610 रुपये सीसी
1110 रुपये ईसी
वंदे भारत में अनुमन्य सुविधाएं
वंदे भारत ट्रेन के टिकट मूल्य में ही खाना और नाश्ता की भी सुविधा अनुमन्य है। ट्रेन में पैंट्रीकार की सुविधा नहीं है, लेकिन यात्रियों को खाने पाने की सामग्री की आपूर्ति आईआरसीटीसी के बेस किचन से होगी।