एफआईआर दर्ज करने को लेकर गौर थाने का घेराव करते ग्रामीण
हर्रैया। चिकित्सा अधीक्षक से परिसर में घूम रही महिला के दुर्व्यवहार को लेकर सीएचसी हर्रैया में जमकर हंगामा हुआ। सूचना के बावजूद पुलिस के देर से पहुंचने पर नाराज डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने ओपीडी बंद कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम गुलाब चंद्र के समझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस दौरान करीब एक घंटे तक ओपीडी बाधित रही।
जानकारी के अनुसार हर्रैया क्षेत्र के रेउवा गांव निवासी बीरेंद्र सिंह की बहू को प्रसव हुआ है और वह सीएचसी में भर्ती हैं। सुबह करीब सात बजे बीरेंद्र सिंह किसी कार्य से सीएचसी के बाहर कैंटीन के पास जा रहे थे। तभी अस्पताल परिसर में अक्सर घूमने वाली बरहपुर की प्रीति नाम की महिला बीरेंद्र सिंह से उलझ गई। जब तक वह कुछ समझ पाते, महिला बीरेंद्र का गला दबाते हुए हमलावर हो गई। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया। पीड़ित बीरेंद्र ने घटना के बारे में सीएचसी अधीक्षक बृजेश शुक्ला को अवगत कराया तो वे मौके पर पहुंच गए। महिला को अस्पताल से बाहर जाने को कहते ही वह अधीक्षक से भिड़ गई और उनकी गिरेबान पकड़ कर गला दबाने की कोशिश करने लगी।
मौके पर मौजूद लोगों ने अधीक्षक को छुड़ा कर महिला को पकड़ कर बैठा लिया। अधीक्षक ने घटना की सूचना थाने के एसएचओ को दी। आरोप है कि सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद थाने की उप निरीक्षक सिपाहियों के साथ अस्पताल पहुंचीं। पुलिस महिला को साथ लेकर थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया।
पुलिस की कार्यशैली से नाराज अस्पताल के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी अपने चैंबर से बाहर निकल गए। अधीक्षक ने घटना की सूचना सीएमओ व एसडीएम को देते हुए ओपीडी बंद कर दी। मामले को तूल पकड़ता देख एसडीएम गुलाब चंद्र सीएचसी पहुंच गए और अधीक्षक से घटना की जानकारी ली। उनके कार्रवाई के आश्वासन के बाद ओपीडी शुरू हो सकी।
पुलिस के रवैये पर जताई नाराजगी
- सीएचसी अधीक्षक ने एसडीएम को बताया कि आए दिन प्रसूता व तीमारदार शिकायत करते रहते हैं कि वह महिला परिसर में घूमकर प्रसूताओं के वार्डों में ताकझांक करती रहती है। उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। इसकी सूचना थाने पर दी गई, मगर पुलिस ने महिला पर कार्रवाई करने के बजाय छोड़ दिया। अधीक्षक ने बताया कि पिछले महीने सीएचसी में संचालित टेलीमेडिसिन कक्ष में हुई चोरी की घटना की अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसकी आईजी से शिकायत की जाएगी। महिला के बारे में उसके परिवार वालों से बात की गई तो उनका कहना है कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह अपने मायके में रहती है।
एफआईआर दर्ज करने को लेकर गौर थाने का घेराव करते ग्रामीण