बस्ती। जिले में किसान कम लागत से अधिक लाभ ले सकें। इसके लिए जिले में नई तकनीक से पौधरोपण किया जाएगा। जिले में 2.56 करोड़ से दो हाइटेक पौधशाला (नर्सरी) स्थापित की जाएंगी। इनमें फल और सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी।
पौधशाला के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। हाइटेक पौधशाला का निर्माण उद्यान विभाग की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप इजराइली तकनीक के अनुसार किया जाएगा। नर्सरी का रखरखाव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर लेबल फेडरेशन के माध्यम से होगा। योजना के तहत स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों व आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार फल जैसे अनार, कटहल, नींबू, आम, अमरूद आदि व सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी।
किसान इन पौधशालाओं से फल सब्जियों की पौध लेकर खुद की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे।
चार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनेगी नर्सरी
जिला उद्यान अधिकारी धमेंद्र चौधरी ने बताया कि जिले में पौधशाला स्थापित करने के लिए दो स्थानों का चयन कर लिया गया है। इसमें विकासखंड गौर के जलालाबाद और सल्टौआ गोपालपुर के बघौली में 1.28 करोड़ से फलों व चयनित सब्जियों को उगाने के लिए दो नर्सरी तैयार की जाएंगी। एक नर्सरी स्थापित करने के लिए चार हेक्टेयर तक की भूमि की जरूरत पड़ेगी। नर्सरी में पौध व उन्नतशील बीज उद्यान विभाग उपलब्ध कराएगा। इस नर्सरी के लिए उद्यान विभाग के अनुसार एक से चार हेक्टेयर का क्षेत्रफल जरूरी है। नर्सरी से हर वर्ष औसतन 15 लाख शाक-भाजी, फल, औषधीय आदि पौधों का उत्पादन किया जा सकेगा।
नर्सरी में मिलेगी हाइटेक ग्रीन हाउस की सुविधा
नर्सरियों में नेट हाउस, सिंचाई सुविधा, हाइटेक ग्रीन हाउस आदि सुविधाएं दी जाएंगी। नर्सरी में उत्पादित पौधों की बिक्री स्थानीय स्तर पर इच्छुक किसानों, क्षेत्रीय स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों (एफपीओ), राज्य स्तर पर अन्य प्राइवेट नर्सरियों व राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्य सरकारों के पौधरोपण के लिए के साथ अन्य प्रांतों के किसानों व संगठनों को की जा सकेगी। योजना से पौधों की नर्सरी स्थापित कर लोगों को खुद का रोजगार स्थापित करने के बड़े अवसर मिलेंगे। हाइटेक नर्सरी से जुड़े किसानों के दिन बहुरेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी।