बस्ती। कोहरे में शहर की खस्ताहाल सड़कों पर सफर खतरनाक साबित हो सकता है। फोरलेन से लेकर शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर जगह-जगह टूटे डिवाइडर, गड्ढे और अवैध कट मौत का शॉर्टकट बन सकते हैं। यह स्थिति तब है जब अयोध्या से सीएम सिटी गोरखपुर को जोड़ने वाली सड़क यही मात्र है। शहर में कोई ऐसा स्थान नहीं, जहां हादसों का खतरा न हो। मुख्यमंत्री सड़क हादसों को रोकने के निर्देश दे रहे है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सो रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी बताते हैं कि कट भरने का काम लगातार चल रहा है। मगर, जमीन पर कहीं कुछ नहीं दिखता है। पहले से बने 50 से अधिक कट ज्यों के त्यों बने हुए हैं। कोहरे के दौरान जब सड़क नजर नहीं आती है, तब हादसे हो जाते हैं। सड़क पर सफेद पट्टियों के सहारे चाल वाहनों को चलाते हैं। यह पट्टियां वाहन को सड़क सीमा के अंदर चलाने में मददगार साबित होती हैं।
कोहरे में हादसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के प्रयास सिर्फ सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों तक सीमित होकर रह गए हैं। इसका खामियाजा यात्री व चालकों को भुगतना पड़ सकता है। जिले के दुबौलिया महराजगंज, हर्रैया बभनान, परसा परशुरामपुर आदि ऐसे मार्ग हैं जिन पर कोहरे में चलना जोखिम भरा हो सकता है।
वाल्टरगंज-बभनान मार्ग करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हुआ है। तब मार्ग पर रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी व साइन बोर्ड आदि लगाए गए थे। इसके बाद इस मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। तीन किमी लंबी इस सड़क पर बनाई गई सफेद पट्टियां काली पड़ चुकी हैं। सड़क सीमा में स्थित बिजली के खंभों व पेड़ों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बेतरतीब ढंग के बनाए गए दो दर्जन से अधिक ब्रेकरों पर भी रिफ्लेक्टर आदि नहीं लगे हैं।
झाड़ियों में ढंकी हैं मूड़घाट-दुबौला मार्ग की सफेद पट्टियां
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बनकर तैयार हुई मूड़घाट-दुबौला सड़क अनियमितताओं से भरी पड़ी है। सड़क निर्माण के समय ही इसमें लापरवाही बरती गई थी। पटरियों का निर्माण नहीं कराया गया और चौड़ीकरण की जद में आए खंभों को अब तक विस्थापित नहीं किया गया। सामान्य मौसम में भी इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा साबित होता है। तमाम जगहों पर आधा मार्ग झाड़ियों की जद में है। संकेतकों की कमी के चलते मोड़ पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।
लगातार चल रहा काम
एनएचएआई के सेप्टी मैनेजर श्याम अवतार शर्मा ने बताया कि कटे डिवाइडरों को ठीक कराने का काम लगातार चलता है। बनने के बाद ढाबे व पेट्रोल पंप वाले फिर उसे तोड़वा देते हैं। कई जगह स्थानीय लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार डिवाइडर काट देते हैं। बावजूद इसके हाल में बने कट को अभियान चलाकर बंद कराया जाएगा। रही बात ब्लैक स्पॉट की तो जहां भी अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं वहां चेतावनी बोर्ड, सिग्नल, साइन ग्लो बोर्ड, डेलीनेटर्स लगाने का काम चल रहा है।
यहां हादसे की आशंका
हाईवे के बस्ती-अयोध्या राजमार्ग पर पटेल चौक, अमहटघाट, फुटहिया, दुबखरा, पुरैना, पुलिस चौकी के सामने, बिहरा पेट्रोल पंप के सामने, झलियहवा, रजौली, बिजरा, खैरी, भदावल, तेनुआ, महुघाट, बड़हर कला, रेडवल, मझौवा, नई बाजार, खेसुआ, विक्रमजोत, रामनगर, सहित कई जगहों और ढाबों व पेट्रोलपंप के सामने डिवाडर कटा है। जहां से सड़क पार करते समय आये दिन सड़क हादसे में राहगीर दुर्घटना के शिकार हो जाते है।