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Basti News: चालकों-परिचालकों की परेशानी बढ़ा रहीं खटारा बसें

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। रोडवेज बसों की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि आए दिन वह बीच रास्ते में दगा दे जाती हैं। इसके बावजूद वर्कशॉप के जिम्मेदार बसों को पूरी तरह से फिट किए बिना दूसरे रूट पर भेज कर परिवहन निगम की छवि प्रभावित कर रहे हैं। ऐसी बसों के संचालन को लेकर चालकों-परिचालकों कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डिपो में कुल 94 नियमित व 23 अनुबंधित बसें हैं। अनुबंधित बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी तो बस स्वामियों की है, लेकिन निगम की बसों की मरम्मत डिपो के वर्कशॉप में होती है। इनमें कुल 17 बसें अपनी आयु सीमा या तो पार कर चुकी हैं, या मानक से अधिक किमी की दूरी तय कर बेदम हो चुकी हैं। अभी दिसंबर में सीनियर फोरमैन चंद्रन भाष्कर की सेवानिवृत्ति के बाद नए फोरमैन राम निवास गुप्ता की तैनाती हुई है। कर्मचारियों की कमी के कारण बसों की मरम्मत में लंबा समय लग जाता है। मजबूरन अधिकतर बसें पूरी तरह से ठीक हुए बिना रूट पर निकल जाती हैं, और बीच रास्ते में वह दम तोड़ देती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों के साथ ही चालकों- परिचालकों को भुगतना पड़ता है। यात्री जहां दूसरी बस पकड़ कर यात्रा करने को मजबूर होते हैं, वहीं कम आय लाने पर परिचालक के वेतन से रिकवरी तो होती ही है, वहीं उनका स्थानांतरण भी कर दिया जाता है। इसी का नतीजा यह है कि इसी सप्ताह तकरीबन आधा दर्जन परिचालकों को दूसरे डिपो में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि बसों के रखरखाव के प्रति न तो डिपो प्रशासन गंभीर है, और न ही वर्कशॉप के जिम्मेदार अपना दायित्व निभाते हैं।
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मनौरी में खराब हुई बस, दोबारा गई कानपुर
ताजा मामला शुक्रवार को तब सामने आया, जब बस को बढ़नी से सवारी लेकर कानपुर जाना था। 47 यात्रियों को लेकर बस बस्ती से बढ़नी के लिए रवाना हुई, तो मनौरी चौराहे के पास पहुंचते ही खड़ी हो गई। डिपो से दूसरी बस भेजकर बढ़नी भेजी गई, और पहली बस को वर्कशॉप में लाया गया। यहां इंजन ठीक करने के थोड़ी देर बाद इसे कानपुर रवाना कर दिया गया। बस जैसे ही गोटवा बाजार पहुंची तो इंजन बंद हो गया। लिहाजा यात्रियों को दूसरी बस से यात्रा करनी पड़ी। जिले के यात्री कलवारी निवासी विवेक कसौधन, नगर बाजार निवासी पारस सोनी, संजय मिश्रा व गुरुप्रसाद चौहान आदि ने बताया कि हम लोग टैक्सी से कप्तानगंज पहुंचे, वहां से दूसरी बस से लखनऊ रवाना हुए।
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सभी बसों को नियमित जांच कर रूटों पर भेजा जाता है। कुछ बसों को क्षेत्रीय व केंद्रीय वर्कशॉप में सुधार के लिए भेजा जाएगा।

-राम निवास गुप्ता, सीनियर फोरमैन
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