आरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते बस ऑपरेटर
बस्ती। सिद्धार्थनगर के एआरटीओ व पीटीओ से त्रस्त निजी बस ऑपरेटरों ने शुक्रवार को मंडल मुख्यालय स्थित आरटीओ दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। आपरेटरों ने दोनों अधिकारियों को डग्गामार वाहनों को संरक्षण देकर मनमानी से संचालित करवाने का आरोप लगाया। साथ ही होने वाली क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण यानी कि आरटीए की बैठक में भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दिया।
प्राइवेट मिनी बस कल्याण एसोसिएशन की अगुवाई में पहुंचे बस ऑपरेटर तबारक अली, रामदीप, बबलू मिश्रा, जगदीश मिश्रा व रहमतुल्ला आदि ने आरोप लगाया कि इटवा से बांसी-बिस्कोहर वाया मिश्रौलिया के तकरीबन 45 किमी के रूट पर डग्गामार बसों के अलावा अधिक संख्या में ऑटो व ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। यही नहीं इन्होंने तकरीबन आधा दर्जन अवैध स्टैंड भी संचालित कर रखे हैं। यह स्थिति यहां तकरीबन तीन साल से बनी हुई है। यहां से मुंबई, दिल्ली व लखनउ जैसे महानगरों के लिए अवैध रूप से सवारियां ढोई जा रही है। इससे परमिट वाली हमारी बसों का जहां भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं परिवहन निगम की सरकारी बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
बताया कि इस रूट पर परमिट वाली बसों को होने वाले नुकसान के बारे में एआरटीओ व पीटीओ से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन अवैध वाहन संचालकों का हौसला इतना बढ़ गया है कि आए दिन विवाद करते रहते हैं और मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद सुलह-समझौता करवा दिया जाता है। एक परिवहन निगम की अनुबंधित बस का जिक्र करते हुए बताया कि उसका संचालक दबंग किस्म का व्यक्ति है और आए दिन झगड़ा करके सवारियां भरवा लेता है।
बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मामले को आरटीए की बैठक में उठाया जाएगा और मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि सिद्धार्थनगर के एआरटीओ व पीटीओ से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।