बस्ती। अयोध्या में श्रीराम लला के विग्रह से लेकर भव्य मंदिर और परिसर तक की सजावट बस्ती के स्व. प्रहलाद माली की संतति ने की थी। प्रहलाद के संतान अनिल सैनी को श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने फूलों के शृंगार का जिम्मा सौंपा था, जिसे बखूबी निभाने के लिए अनिल ने बस्ती और कोलकाता के 329 कलाकारों की टीम तैयार की थी। प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक सप्ताह पहले 14 जनवरी से ही इनकी टीम श्रीराम लला के दरबार में मुस्तैद हो गई थी।
भव्य मंदिर में किस्म-किस्म के फूलों की सजावट कर और दिव्यता भरी गई थी। श्रीराम लला के विग्रह से लेकर मंदिर के सभी द्वार, स्तंभ, दीवार, मंच पर फूलों से विविध आकृतियां उकेरी गई थीं। कार्यक्रम के दौरान फूलों की यह साज-सज्जा मनोरम दृश्य संजोए रही। फूल कारोबारी अनिल सैनी के अनुसार उन्होंने उत्कृट प्रदर्शन के लिए कोलकाता के कारीगरों की टीम बुलाई थी। फूल का प्रबंध कोलकाता, दिल्ली, बनारस के अलावा विदेशों से भी किया गया था। गर्भगृह समेत मंदिर के तीनों तल की सजावट के साथ परिसर भी फूलों से महकाया गया था।
इन फूलों से सजा था श्रीराम का दरबार
अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दरबार सजाने के लिए एंकोनियम, करसेशन, आर्केट, लिली, स्टार गुलदावरी जैसे विदेशी फूल मंगाए गए थे। इसके अलावा गेंदा, चंपा, चमेली, सनफ इंडिया, गुलाब, विक्टोरिया, जरवेरा आदि भारतीय फूल भी उपयोग में लाए गए। इन फूलों की सजावट से मंदिर और परिसर दोनों महकाया गया।
ऑर्डर मिलते ही घर में छा गई थी खुशी
अयोध्या में श्रीराम का दरबार सजाने का ऑर्डर मिलते ही घर में खुशी छा गई। अनिल ने बताया कि पिता स्व. प्रहलाद माली ने फूलों का पुस्तैनी कारोबार उन्हें सौंपा था। अपने जीवन का यह सबसे बड़ा कार्य करने का हमें अवसर मिला। हम, हमारा परिवार और हमारी पूरी टीम प्रभु श्रीराम के दरबार को सजाकर धन्य हो गया। सजावट के बहाने श्रीराम लला को बिल्कुल करीब से निहारने का अवसर कभी भूलेगा नहीं। उन्हें छोड़कर हटने का मन नहीं कर रहा था। हम बहुत सौभाग्यशाली है कि प्रभु ने हमें अपने घर बुलाया।
अनिल सैनी, माली, बस्ती।