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कल फिर जेल भेजा जा सकता है बर्खास्त दरोगा

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कल फिर जेल भेजा जा सकता है बर्खास्त दरोगा
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अश्लील चैट मामले में बर्खास्त हो चुका है दीपक सिंह
कोविड प्रोटोकॉल के कारण मिली थी अंतरिम जमानत
23 जुलाई को पूरी हो रही 45 दिनों के अंतरिम जमानत की अवधि
सीजेएम अदालत ने दिया है बर्खास्त दरोगा को प्रस्तुत होने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। युवती से अश्लील चैट करने के मामले में नौकरी गंवा चुके दरोगा दीपक सिंह की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं। अंतरिम जमानत पर घूम रहे दरोगा को शुक्रवार को फिर जेल भेजा जा सकता है। उसकी अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने की वजह से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे 23 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत होने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा जाएगा। पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में उसे 22 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तत्कालीन एसपी ने उसे जेल भेजने के साथ ही निलंबित कर दिया गया था। यह मामला चल ही रहा था कि कोराना की दूसरी लहर प्रभावी हो गई। इसी बीच शासन ने जेल में भीड़ कम करने के लिए कुछ विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जिसका फायदा उसे भी मिला और 11 जून को उसे कोविड प्रोटोकॉल के तहत शासन के आदेश पर 45 दिनों की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। इस रिहाई के बाद एडीजी गोरखपुर अखिल कुुमार ने उसे 20 जून से बहराइच में संबद्ध कर दिया था, ताकि यहां रहकर वह विवेचना को प्रभावित न कर सके। इसी बीच विभागीय कार्रवाई चलती रही। केस की विवेचना पहले सीओ सिटी आलोक प्रसाद को सौंपी गई थी। कुछ दिनों बाद एडीजी गोरखपुर के निर्देश पर संतकबीरनगर के सीओ खलीलाबाद अंशुमान मिश्र को विवेचना ट्रांसफर कर दी गई थी। उन्होंने साक्ष्यों के आधार पर तैयार की चार्जशीट में कांड के मुख्य आरोपी बर्खास्त दरोगा दीपक सिंह को आरोपी बनाया है। अन्य आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उनका नाम मुकदमे से निकाल दिया गया। गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थानांतर्गत सोनबरसा के रहने वाले आरोपी दरोगा को आईजी रेंज अनिल कुमार राय ने पुलिस सेवा से दस जुलाई 2021 को बर्खास्त कर दिया था।
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