ई-केवाईसी कराने पर मैच नहीं हो रहे अंगूठे के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। बैंक खातों की ई-केवाईसी कराने में बुजुर्गों को तमाम समस्याओं का सामान करना पड़ रहा है। दरअसल, आधार कार्ड बनवाते समय लिए गए अंगूठे के निशान अब मैच नहीं कर रहे हैं। तमाम बुजुर्गों के निशान मिट चुके हैं। ऐसे में जब बुजुर्ग बैंक खाता, सम्मान निधि, पेंशन आदि योजनाओं में ई-केवाईसी कराने जाते हैं तो अंगूठे का निशान मैच नहीं हो रहा। ऐसे में वह पेंशन व सम्मान निधि से वंचित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने योजनाओं में लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में योजनाओं में लाभ के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है। इसके बाद योजनाओं में भी आधार से ई-केवाईसी करानी पड़ रही है। पारदर्शिता के उद्देश्य से आधार को अनिवार्य बना दिया है, लेकिन शासन की यह मंशा बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है।
खम्हरिया गंगाराम गांव के 80 वर्षीय संकटा प्रसाद ई-केवाईसी कराने के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। वह बिचौलियों के चक्कर में पड़ कर तमाम रुपये भी खर्च कर चुके हैं, लेकिन बैंक में उनकी ई-केवाईसी नहीं हो रही है। लिहाजा उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई है। बताते हैं कि सरकार से बुढ़ापे में एक योजना का लाभ मिल रहा था, वह भी अब बंद हो गई।
इसी गांव के 70 वर्षीय राम जियावन का हाल भी यही है। ई-केवाईसी के समय फिंगर प्रिंट मिस मैच होने के कारण उनकी पेंशन व सम्मान निधि बंद हो गई है। एडीओ समाज कल्याण राम कृष्ण ने बताया कि अंगूठा नहीं लग पाने से कई लाभार्थियों की पेंशन रुकी हुई है। इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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आधार कार्ड अपडेट कराने पर हो जाएगा निदान
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने बताया कि जिन बुजुर्गों की ई-केवाईसी नहीं हो रही है। वह अपने आधार कार्ड में बायोमेट्रिक यथा रेटिना व प्रिंगर प्रिंट को अपडेट करा लें। समस्या का समाधान हो जाएगा। यह समस्या बुजुर्गों के साथ आम है। आधार कार्ड को 10 साल में अनिवार्य रूप से अपडेट कराना चाहिए। इससे बायोमेट्रिक पहचान अपडेट हो जाएगी और भविष्य में दिक्कतें नहीं आएंगी।