बड़ेवन-कंपनीबाग सड़क निर्माण में जिम्मेदार विभागों ने फंसाया पेच, नहीं मिल पा रही निर्माण को गति
आधा दर्जन मोहल्लों में बंद हो गई पानी की आपूर्ति, जलस्तर घटने से बढ़ेगी नागरिकों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड- एक की टीम शहर में बड़ेवन से कंपनीबाग तक फोरलेन सड़क बनाने उतरी थी। सड़क बनी नहीं, लेकिन आधा दर्जन मोहल्लों में दुश्वारियां बढ़ती गईं। तीन महीने से करीब 20 हजार आबादी के समक्ष निर्माणाधीन सड़क मुसीबत का सबब बनी हुई है। बिजली, पानी एवं आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं छिन गई हैं। तीन विभागों ने ऐसा पेच फंसाया कि न तो नागरिक चैन में है और न ही कार्यदायी संस्था। इधर गर्मी भी बढ़ने लगी है। ऐसेे में बिजली, पानी की समस्या आसपास के मोहल्लों में हाहाकार मचाने पर आतुर है।
जाम की समस्या से मुक्ति के लिए शहर के प्रवेश मार्ग बड़ेवन से कंपनीबाग तक 1.75 किमी लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की योजना बनी। शासन से धन भी अवमुक्त हुआ। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने इस सड़क के बीचोबीच से दोनों तरफ 11.5 मीटर चौड़ाई नापकर निशानदेही की। मगर, यह जगह अब तक खाली नहीं हो सकी। फोरलेन सड़क की जद में आने वाले निर्माण नहीं हटाए जा सके हैं। इसके अलावा पुरानी सड़क के किनारे दौड़ाए गए बिजली के खंभे और तार भी पूरी तरह से नहीं हटे हैं।
काफी प्रयास के बाद फोरलेन के दायरे में आने वाले पेड़ काटकर हटाए गए हैं। जबकि निर्माण से पूर्व यह तय हुआ था कि वन विभाग पेड़ की कटान करेगा और बिजली निगम खंभे और तार की शिफ्टिंग सड़क के दायरे से बाहर करेगा। इसके अलावा जल निगम को नई पाइपलाइन बिछाने की जिम्मेदारी मिली थी। इन विभागों ने दायित्वों का निवर्हन न करके पेच फंसा दिया है। काफी दिनों तक पेड़ हटने का इंतजार हुआ। अब खंभे और तार शिफ्टिंग के चक्कर में कई- कई दिनों तक निर्माण रोकना पड़ रहा है।
मोहल्लों में लगातार बिजली भी बाधित की जा रही है। जलनिगम की ओर से नई पाइप लाइन बिछाने का कार्य नहीं शुरू किया गया है। विभाग ने पुरानी पाइप लाइन की आपूर्ति एक महीने पहले ही बंद कर दी। निर्माण के दौरान यह पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते कटरा, पतेलवा, आवास विकास आंशिक, विकास भवन के पीछे समेत आसपास की आधा दर्जन मोहल्लों और कालोनियों में पानी की सप्लाई बंद है। लगभग 20 हजार की आबादी इस समस्या से प्रभावित है। लोग अपने निजी संसाधनों से पानी जुटा रहे हैं। इधर गर्मी भी दस्तक दे दी है। अब पानी की किल्लत यहां के नागरिकों के लिए भारी पड़ रही है।
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नई पाइप लाइन बिछाने के लिए मिले हैं एक करोड़
कार्यदाई एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने जलनिगम को नए सिरे से पाइप लाइन बिछाने के लिए एक करोड़ रुपये दिए हैं।मगर जलनिगम का कहना है कि अभी तक उनको जमीन अधिग्रहित करके पीडब्लयूडी ने नहीं दिया है। ऐसे में कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है। जब तक सात मीटर भूमि का अधिग्रहण नहीं हो जाता है, कार्य शुरू करने की स्थिति नहीं बन पाएगी। जिससे पेयजल संकट गहराया हुआ है। दोनों विभाग अब एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
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तेज नहीं हो सकी निर्माण कार्य की गति
तीन महीने पहले बड़ेवन चौराहे फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू किया गया था। सड़क के एक तरफ लगभग पांच सौ मीटर की दूरी चौड़ीकरण के लिए खोदाई की गई। पेड़ और विद्युत पोल न हटने के कारण काफी दिनों तक लोगों के घरों के सामने गड्ढे बने रहे। आवागमन बाधित रहा। काफी हो हल्ला के बाद इन गड्ढों में गिट्टी और डस्ट अब जाकर भरा गया है। इसके आगे का निर्माण अभी भी ठप है। वहीं सड़क दूसरी तरफ अभी निर्माण के लिए खोदाई भी नहीं हो पाई है।
नहीं हटा अतिक्रमण
सड़क के दायरे में आने वाले मकान, चहारदीवारी, चबूतरा जैसे अतिक्रमण अभी तक नहीं हटाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी स्वयं यह निर्माण हटाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। तहसील प्रशासन ने शुरूआती दौर में सड़क की भूमि पैमाइश के लिए दिलचस्पी दिखाई थी। इसके बाद अतिक्रमण खाली कराने में कोई रूचि नहीं ली गई। जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
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सड़क निर्माण के चलते पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। एक महीने से हम लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली भी लगातार बाधित हो रही है। यह समस्या हम एक्स प्लेटफार्म पर पोस्ट भी किए हैं।
उपेंद्र नाथ दुबे, कटरा
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पानी की सप्लाई न होने से हम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। काफी दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। अब गर्मी आ गई है समस्या और बढ़ गई है।
सविता, कटरा।
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महज छह मीटर भूमि की गई है अधिग्रहित
जलनिगम शहरी क्षेत्र के एक्सईएन रेहान फारूकी का कहना है कि अभी तक पीडब्लयूडी की ओर से सिर्फ छह मीटर ही भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जबकि सात मीटर भूमि का अधिग्रहण होना चाहिए। छह मीटर में सड़क और पटरी बननी है। इसके बाद एक मीटर में जल निगम अपना पाइप डालेगा। पाइप मंगा भी लिया गया है। लेकिन, भूमि न मिलने के कारण कार्य रूका हुआ है।